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रायसेन के सोमेश्वर महादेव जो साल में सिर्फ एक बार देते हैं भक्तों को दर्शन
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News18 Madhya Pradesh
Updated: February 21, 2020, 2:52 PM IST
रायसेन के सोमेश्वर महादेव जो साल में सिर्फ एक बार देते हैं भक्तों को दर्शन
रायसेन के सोमेश्वर महादेव मंदिर का साल में सिर्फ एक बार महाशिवरात्रि पर ताला खुलता है

तत्कालीन कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री प्रकाश चंद सेठी ने किला पहाड़ी स्थित मंदिर पहुंचकर ताले खुलवाए और महाशिवरात्रि पर मंदिर परिसर में एक विशाल मेले का आयोजन किया. तब से हर साल शिवरात्रि पर मंदिर के गेट खोले जाने लगे.

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रायसेन.साल भर ताले में कैद रहने वाले सोमेश्वर भोलेनाथ महाशिवरात्रि (mahashivratri) पर सबको दर्शन देते हैं. रायसेन की पहाड़ी पर भोलेनाथ (shiv) का एतिहासिक मंदिर है. कहते हैं ये 12 वीं सदी में बना था. इस मंदिर के पट साल में सिर्फ एक बार शिवरात्रि में खुलते हैं.सुबह उगते सूर्य की किरणें जैसे ही पड़ती हैं पूरा मंदिर सोने जैसी सुनहरी रोशनी से भर उठता है.

ऐसा है इतिहास
आजादी के बाद रायसेन किले पर स्थित प्राचीन सोमेश्वर भोलेनाथ का मंदिर और मस्जिद का विवाद खड़ा हुआ और पुरातत्व विभाग ने मंदिर में ताले लगा दिए.तब से 1974 तक मंदिर में कोई प्रवेश नहीं कर पाता था.1974 में रायसेन नगर के हिंदू समाज और संगठनों ने मंदिर के ताले खोलने के लिए एक बड़ा आंदोलन शुरू किया. तब तत्कालीन कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री प्रकाश चंद सेठी ने खुद किला पहाड़ी स्थित मंदिर पहुंचकर ताले खुलवाए और महाशिवरात्रि पर मंदिर परिसर में एक विशाल मेले का आयोजन किया.तब से साल में एक बार महाशिवरात्रि के दिन ही मंदिर के ताले खोलने की व्यवस्था लागू की गई जो आज भी जारी है. 

महाशिवरात्रि पर मेला



महाशिवरात्रि पर अल सुबह से मंदिर के पट भोले के भक्तों के लिए खोल दिए जाते हैं. किला पहाड़ी पर स्थित इस सोमेश्वर महादेव मंदिर में आज भक्तों का मेला लगता है. जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचकर भगवान शिव की पूजा अर्चना करते हैं. इनमें से कुछ भक्त ऐसे हैं जो बचपन से यहां हर साल आ रहे हैं.

गेट के बाहर से पूजा
सोमेश्वर महादेव बाबा के कुछ भक्त ऐसे हैं जो साल भर यहां माथा टेकने आते हैं. मंदिर का ताला बंद रहता है. लेकिन भक्त गेट के बाहर से ही बाबा सोमेश्वर की पूजा करने आते हैं और मन्नत मांग कर चले जाते हैं. मंदिर के लोहे के दरवाजे पर ये भक्त कलावा और कपड़ा बांध जाते हैं.मन्नत पूरी हो गयी तो फिर ये इस कपड़े को खोलने आते हैं.

(रायसेन से देवराज दुबे की रिपोर्ट)

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First published: February 21, 2020, 9:35 AM IST
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