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MP News: राजगढ़ शहर में सासों ने पहली बार मनाया 'बहुरानी दिवस', बड़ी दिलचस्‍प है ये खबर

Rajgarh News: कार्यक्रम में सास और बहुओं ने एक-दूसरे से गले मिलकर बेहतर पारिवारिक रिश्तों का संदेश दिया.

Rajgarh News: कार्यक्रम में सास और बहुओं ने एक-दूसरे से गले मिलकर बेहतर पारिवारिक रिश्तों का संदेश दिया.

Rajgarh News: बहुरानी दिवस के अवसर पर केक काटा गया और सासों ने बहुओं को पुष्प देकर स्नेह का इजहार किया. इस अवसर पर सास ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट- शुभम जायसवाल

राजगढ़. दुनिया भर में कई प्रकार के खास दिवस मनाए जाते है, जैसे फादर्स डे, मदर्स डे, पैरेंट्स डे आदि. लेकिन दुनिया में कहीं भी ‘बहुरानी दिवस’ आज तक नहीं मनाया गया, लेकिन मध्य प्रदेश के राजगढ़ में एक संस्था ने बहुरानी दिवस मनाकर अनोखी पहल की है. देश-दुनिया में पहली बार बहुरानी दिवस का आयोजन मध्य प्रदेश के राजगढ़ शहर में किया गया. शहर की महिलाओं ने 1 अक्टूबर को बहुरानी दिवस के रूप में मनाने की पहल की. इस दिवस को लाल चुनर संगठन की ओर से मनाया गया.

बहुरानी दिवस मनाने का आगाज पिछले साल 1 अक्टूबर को किया गया था. इस आयोजन का मुख्य उद्देश सास और बहु के बीच संबंधों में घनिष्ठता बढ़ाने और रिश्तों को और मधुर करने के लिए किया गया. लाल चुनर संस्था ने इस अवसर पर सास और बहुओं को एक साथ इकट्ठा कर पारिवारिक सौहार्द बढ़ाने के लिए मिलन समारोह का आयोजन किया. कार्यक्रम में सास और बहुओं ने एक-दूसरे से गले मिलकर बेहतर पारिवारिक रिश्तों का संदेश दिया.

बहुओं ने इस रिश्ते को बताया अनमोल
बहुरानी दिवस के अवसर पर केक काटा गया और सासों ने बहुओं को पुष्प देकर स्नेह का इजहार किया. इस अवसर पर सास और बहुओं दोनों ने एक दूसरे की प्रशंसा की और कहा कि वह उनको मिले प्यार से बहुत खुश हैं और आशा करते हैं कि उनका जीवन इसी तरह सौहार्दपूर्ण माहौल में स्नेह के साथ चलता रहे. लाल चुनर संस्थापक मोना सुस्तानी का कहना है कि पूरे देश में 1 अक्टूबर को बहुरानी दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए और इस बात का ख्याल उनको इसलिए आया क्योंकि दुनिया भर में कई प्रकार के खास दिवस मनाए जाते हैं.

‘लाल चुनर संगठन’ बना महिलाओं की आवाज
लेकिन कभी भी बहुरानी दिवस नहीं मनाया जाता जो की बहू भी एक बेटी की तरह ही होती है उनके लिए भी एक विशेष दिन होना चाहिए. इसी के चलते उन्होंने यह पहल शुरू की है. गौरतलब है लाल चुनर संगठन हमेशा महिलाओं की आवाज उठाता आया है.

राजगढ़ जिले में प्रचलित कुप्रथा झगड़ा नाथरा प्रथा के लिए और ऐसी महिलाएं जो प्रताड़ित शोषित है, उनकी आवाज को उठाने का लगातार प्रयास करती है. और महिलाओं के लिए लाल चुनर संगठन संजीवनी के रूप में काम कर रही है.

Tags: Durga Puja festival, Madhya pradesh news, Mp news, Rajgarh News, Wedding story

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