पानी की कहानी: इस शहर का प्राचीन अमृत सागर कैसे बन गया गंदा नाला.!
Ratlam News in Hindi

पानी की कहानी: इस शहर का प्राचीन अमृत सागर कैसे बन गया गंदा नाला.!
रतलाम शहर का सबसे प्राचीन अमृत सागर तालाब अब गंदे नाले में तब्दील हो चुका है

तलाम शहर का सबसे प्राचीन अमृत सागर तालाब अब गंदे नाले में तब्दील हो चुका है. पूरे शहर का गन्दा पानी इस अमृत सागर तालाब में आकर मिलता है.

  • Share this:
न्यूज18 हिंदी की खास मुहिम 'पानी की कहानीमें आज पढ़िए इस कड़ी की ये रिपोर्ट. देश के बड़े हिस्से को पीने का पानी काफी मुश्किलों से मयस्सर होता है. लेकिन बड़ा सवाल यह भी है कि जो पानी मिलता भी है क्या वह पीने लायक होता हैतो हम आपको बता दें कि देश के करीब 29500 गांव और मोहल्लों में लगभग 4.80 करोड़ की आबादी जहरीला पानी पीने को मजबूर है17 राज्यों के ये 4.80 करोड़ लोग जहरीला पानी पी कर फ्लोरोसिस और दूसरी तमाम बीमारियों की चपेट में हैं. पढ़िए यह रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्टः

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में पानी की कहानी कुछ अलग है. यहां का स्थानीय प्रशासन पानी की किल्लतों से इत्तेफाक कम रखता है. रतलाम शहर का सबसे प्राचीन अमृत सागर तालाब अब गंदे नाले में तब्दील हो चुका है. आलम ये है कि पूरा तालाब जलकुम्भी की चपेट में है और पूरे शहर का गन्दा पानी इस अमृत सागर तालाब में आकर मिलता है.

यहां हर साल साल बकायदा 10 से 15 लाख रूपये इस तालाब की सफाई में खर्च किए जाते हैं, लेकिन तालाब की हालत देखकर लगता है कि मानो, अमृत सागर की सफाई सिर्फ कागजों पर ही हो रही है.
2011 में नगर निगम ने 40 करोड़ का प्रोजेक्ट बनाकर राज्य शासन को भेजा था. लागत ज्यादा होने के बाद प्रोजेक्ट को रिवाइज कर 26.78 करोड़ का बनाया गया. राज्य शासन ने इसे प्रांरभिक स्वीकृति देकर अंतिम मूल्यांकन के लिए अलीगढ़ यूनिवर्सिटी भेजा था, जहां से अभी तक नहीं आया है.



झील संरक्षण योजना के तहत भी अमृत सागर के विकास के लिए 30 करोड़ रूपए से ज्यादा का प्रोजेक्ट भी राज्य सरकार को भेजा गया, लेकिन इस प्रोजेक्ट पर भी सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आया. हालांकि झील संरक्षण विभाग भी अब बंद हो चुका है.



ताजुब की बात ये है कि हर साल गर्मी में कोई न कोई संस्था अमृत सागर की सफाई करती है, या फिर धरना और प्रदर्शन कर निगम पर सफाई का दबाव बनाती है. इस बार किसी संस्था ने पहल नहीं की है. दो साल पहले भी क्षेत्रीय पार्षदों ने मिलकर सफाई की थी लेकिन फिर स्थिति जस की तस हो गई.

रियलिटी चेक के बाद इस मामले में शहर की महापौर फिर से अमृत सागर की सफाई करवाने की बात कह रही हैं. वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता कई साल से इस सफाई के ठेके को भ्रष्टाचार करार दे रहे हैं.


अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading