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प्लास्टिक की बेकार बोतलों का इतना बेहतरीन इस्तेमाल, पसंद आएगा ये ईको-फ्रेंडली आइडिया
Ratlam News in Hindi

News18 Madhya Pradesh
Updated: October 6, 2019, 5:12 PM IST
प्लास्टिक की बेकार बोतलों का इतना बेहतरीन इस्तेमाल, पसंद आएगा ये ईको-फ्रेंडली आइडिया
रतलाम जनपद पंचायत दफ्तर के बाहर प्लास्टिक की बेकार बोतलों से बनी पर्यावरण दीवार.

प्लास्टिक की बेकार पड़ी बोतलों (waste plastic bottles) में पौधे लगाने की अनोखी तकनीक से एक तरफ रतलाम (Ratlam) जनपद पंचायत की सुंदरता बढ़ी, वहीं पर्यावरण (Environment) संरक्षण भी हो रहा है.

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रतलाम. पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की पर्यावरण संरक्षण के लिए सिंगल-यूज प्लास्टिक (Single use plastic) का इस्तेमाल छोड़ने की अपील का असर होने लगा है. पूरे देश में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को छोड़ने की मुहिम को लोगों का समर्थन मिल रहा है. मध्य प्रदेश के रतलाम में भी इस मुहिम के तहत प्लास्टिक की खराब बोतलों (waste plastic bottles) के इस्तेमाल का ऐसा अनोखा तरीका ढूंढा गया है, जिसे आप भी अपना सकते हैं. घरों में इस्तेमाल होने वाले इन बोतलों से पर्यावरण प्रदूषण होता है. लेकिन रतलाम में अपनाए गए तरीके से आप प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण (Pollution) को बहुत हद तक रोक सकते हैं. रतलाम के एक सरकारी दफ्तर में प्लास्टिक की बेकार बोतलों में पौधे लगाकर पर्यावरण दीवार बनाई गई है.

बोतल में पौधे लगाने का आइडिया
रतलाम जनपद पंचायत के दफ्तर के बाहर हाल के दिनों तक लोगों को घुसते ही कचरे के ढेर दिखा करते थे. मगर अब इस जगह पर पर्यावरण दीवार बना दी गई है. प्लास्टिक की बेकार बोतलों से बनी इस दीवार में हरे-भरे पौधे लगे हैं. दरअसल, प्लास्टिक की बेकार बोतलों में पौधे लगाकर उन्हें एक-दूसरे के साथ इस तरह जोड़ा गया है कि यह एक दीवाल-नुमा आकृति जैसी दिखती है. जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालक अधिकारी तपस्या परिहार की पहल पर की गई इस कोशिश की यहां के लोग खूब तारीफ कर रहे हैं.

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प्लास्टिक की बेकार बोतलों के इस प्रयोग की लोग कर रहे तारीफ.




बोतलों को जोड़ने की बेजोड़ तकनीक


प्लास्टिक की बेकार बोतलों से पर्यावरण दीवार बनाने का आइडिया अनोखा है. दरअसल, बोतलों को एक लाइन में लगाकर, इन्हें दूसरी लाइन में रखी गई बोतलों से जोड़ दिया गया है. ऊपर वाली लाइन की बोतल में पानी डालने पर एक के बाद एक बोतलों के रास्ते पानी नीचे तक पहुंच जाता है. ओवरफ्लो की स्थिति से बचाव के लिए सबसे आखिरी लाइन के बोतलों को एक पाइपलाइन से जोड़ा गया है, ताकि पानी और मिट्टी बहकर नीचे इकट्ठा हो सकें. ड्रिप लगाकर इन पौधो को पानी दिया जा रहा है. पर्यावरण दीवार के इस आइडिया से जहां एक तरफ दफ्तर की सुंदरता बढ़ गई है, वहीं, बेकार पड़ी प्लास्टिक का इस्तेमाल भी हो रहा है. तपस्या परिहार ने बताया कि इन बोतलों में ऐसे पौधे लगाए गए हैं, जिनकी जड़ें कम फैलती हैं, लेकिन फूल अच्छे आते हैं.

(सुधीर जैन की रिपोर्ट)

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First published: October 6, 2019, 5:12 PM IST
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