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कोरोना के बाद रतलाम नमकीन क्लस्टर ने पकड़ी रफ्तार, जानें कितनी यूनिट्स हो गईं शुरू

कोरोना के कारण नमकीन क्लस्टर में उद्योग लगने की रफ्तार थम गई थी. कोरोना काल के थमने के बाद 2021 से फिर यहां यूनिट लगने ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट- जयदीप गुर्जर

रतलाम. नमकीन के लिए देश-दुनिया में पहचान बना चुके रतलाम को नमकीन क्लस्टर की सौगात मिले 5 साल हो चुके है. रतलाम से 4 किमी दूर करमदी गांव में इसकी स्थापना की गई. यह पुरी यूनिट 2018 में बनकर तैयार हुई. 19 हेक्टेयर में फैले इस क्लस्टर में कुल 110 प्लॉट है. नमकीन क्लस्टर की लागत करीब 15 करोड़ रुपये है. रतलाम झाबुआ मुख्य मार्ग पर होने से यहां ट्रांसपोर्टेशन भी आसान है. कोरोना के कारण नमकीन क्लस्टर में उद्योग लगने की रफ्तार थम गई थी. कोरोना काल के थमने के बाद 2021 से फिर यहां यूनिट लगने की शुरुआत हुई. जिसने अब रफ्तार पकड़ ली है.

यहां हर महीने एक नई यूनिट खुल रही है. क्लस्टर में अब तक 21 यूनिट शुरू हो चुकी है. इसमें नमकीन, बेसन, आइसक्रीम, मिर्च, कुरकुरे, मसाला, काजू की यूनिट चल रही है. आने वाले दो सालों में यहां 30 के लगभग यूनिट चालू हो जाएगी. नमकीन क्लस्टर में यूनिट लगने की शुरुआत तीन साल पहले 2019 में हुई थी. अब तक 21 यूनिट खुल चुकी हैं, इसके अलावा 3 यूनिट बनकर तैयार है. वहीं 7 यूनिट पर कंस्ट्रक्शन चल रहा है. नमकीन क्लस्टर से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 500 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल रहा है.जिसमें शहर के अलावा ग्रामीण के लोग शामिल हैं.

क्लस्टर के सभी प्लॉट बुक
नमकीन क्लस्टर का पूरा कामकाज एमपीआईडीसी (MPIDC) देख रहा है. इंजीनियर अमित सोनी के अनुसार क्लस्टर के सभी प्लाट बुक है. लगने वाली यूनिट्स को किसी भी तरह की कोई परेशानी ना हो इसके लिए विशेष ध्यान रखा जा रहा है. उद्योगों को नियमित रूप से पानी, बिजली, सड़क, बैंक लोन जैसी मूलभूत सुविधाओं को मुहैय्या करवा रहे है. कोरोना से प्रभाव पड़ा था लेकिन अब लोगों का रुझान बढ़ा है.

पानी के लिए दूसरा ऑप्शन भी तैयार
वर्तमान में क्लस्टर को पानी धोलावाड़ से मिल रहा है. यहां से 7 किमी दूर ही कनेरी डेम भी बनकर तैयार है. जिससे भविष्य में यहां से भी क्लस्टर को पानी मिल सकेगा. यह जिले का दूसरा सबसे बड़ा डेम है. 100 हेक्टेयर में फैले इस डेम की क्षमता 12.21 मिलियन क्यूबिक घन मीटर है. इसका 90 फीसदी पानी उद्योगों को मिलेगा. नमकीन क्लस्टर में सेंव उद्योग चला रहे प्रवीण कसेरा बताते है कि वे छोटे स्तर पर नमकीन का कारोबार करते थे. क्लस्टर लगने के बाद प्लाट लेकर यहां यूनिट लगाई. यूनिट के लिये बैंक लोन भी आसानी से मिल गया. उनकी यूनिट में 10 से 15 लोगों को रोजगार मिल रहा है.

Tags: Mp news, Ratlam news

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