सीएम हेल्पलाइन पर की गई शिकायत वापस लेने को मजबूर कर रहे अधिकारी

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का सीएम हेल्पलाइन का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. इसमें सीएम जनता को फोन कर समस्या के निराकरण की बात पूछ रहे हैं, लेकिन पूरे प्रदेश में 181 के हालात बिल्कुल इसके उल्टे हैं.

Sudhir Bhatt | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: September 2, 2017, 8:01 PM IST
Sudhir Bhatt | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: September 2, 2017, 8:01 PM IST
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का सीएम हेल्पलाइन का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. इसमें सीएम जनता को फोन कर समस्या के निराकरण की बात पूछ रहे हैं, लेकिन पूरे प्रदेश में 181 के हालात बिल्कुल इसके उल्टे हैं.

अकेले रतलाम में ऐसे सैकड़ों मामले सामने आ रहे हैं जिसमे जनता की समस्या बरक़रार है, लेकिन सीएम हेल्पलाइन, 181 ने कागजों पर ही शिकायत का निराकरण कर उसे बंद कर दिया. दरअसल रतलाम के अधिकारी और कर्मचारी मिलकर सीएम हेल्पलाइन के शिकायतकर्ता को फोन कर शिकायत को फ़ोर्स क्लोज कर रहे हैं.

जिन शिकायतों को फ़ोर्स क्लोज किया जा रहा है उनमे से अधिकतर एल-4 लेवल की है, जिनमें निराकरण नहीं होने पर अधिकारियों पर गाज गिरना तय है. ऐसे में खुद को बचाने के चक्कर में रतलाम के अधिकारी अब बिना निराकण के ही शिकायतों को बंद कर रहे हैं.



तंग आकर अब शिकायतकर्ता सीएम हेल्पलाइन को ही बंद करने की शिकायत 181 पर कर रहे हैं. एक शिकायतकर्ता तुषार कोठारी के अनुसार उन्हें कैलाश मानसरोवर यात्रा के 30 हजार रुपए के अनुदान नहीं मिलने की शिकायत 181 पर की थी, लेकिन उनकी ही जानकारी उन्हें वापस देकर शिकायत बंद कर दी गई.

वहीं सब्जी व्यापारी सलीम भाई ने शहर के अमृत सागर की गन्दगी की  शिकायत 181 पर की, जिसे एल-4 लेवल पर बंद कर दिया गया. सेमलिया गांव के दिव्यराज सिंह को ऑफिस से तीन बार मिसकॉल देकर उनकी शिकायत बंद कर दी गई.

वहीं इस मामले में जिले के अपर कलेक्टर डॉ कैलाश बुंदेला से जानकारी ली तो उन्होंने फ़ोर्स क्लोज की बात से साफ इनकार कर दिया, लेकिन सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के ऐसे निराकरण से न केवल सीएम की साख पर बट्टा लगा रहा है  बल्कि अधिकारियों की कामचोरी भी सामने आ रही है.
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