बिहार के माउंटेन मैन की तर्ज पर रतलाम में बंजर पहाड़ पर जंगल उगाने में जुटा ट्री मैन

बिहार के माउंटेन मैन दशरथ मांझी की तरह रतलाम के ट्री मैन भेरूलाल धाकड़ भी अकेले अपने दम पर एक बंजर पहाड़ पर जंगल उगाने में जुटा है.

News18 Madhya Pradesh
Updated: July 3, 2019, 8:47 PM IST
बिहार के माउंटेन मैन की तर्ज पर रतलाम में बंजर पहाड़ पर जंगल उगाने में जुटा ट्री मैन
बिहार के माउंटेन मैन की तर्ज पर रतलाम में बंजर पहाड़ पर जंगल उगाने में जुटा ट्री मैन
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Updated: July 3, 2019, 8:47 PM IST
बिहार के माउंटेन मैन दशरथ मांझी की तरह रतलाम के ट्री मैन भेरूलाल धाकड़ भी अकेले अपने दम पर एक बंजर पहाड़ पर जंगल उगाने में जुटा है. हाथ में फावड़ा और सुबह से शाम तक पहाड़ पर जगह-जगह गड्ढे खोदना इसकी दिनचर्या बन चुकी है. नौगांवा के रहने वाले 58 साल के भेरूलाल धाकड़ को लोग रतलाम के ट्री मैन के नाम से बुलाते हैं.

आम की दो दर्जन से ज्यादा वैरायटी 

बता दें कि चाहे चिलचिलाती धूप हो या फिर बारिश हर मौसम पेड़ लगाने के लिए भेरूलाल की कशमकश साल भर जारी रहती है. यह उनकी मेहनत का ही नतीजा है जो उन्होंने अपने अकेले के दम पर करीब 1 हजार से ज्यादा पौधे लगाकर गांव की बंजर पहाड़ी को हरियाली की चादर ओढ़ा दी है. इस ट्री मैन ने बंजर पहाड़ी पर आम, संतरा, सीताफल, जामफल और बांस के पौधे लगाए है. इसमें सबसे ज्यादा पौधे आम के हैं. आम की दो दर्जन से ज्यादा वैरायटी यहां देखने को मिलती है.

10 बीघा बंजर पहाड़ी को हरियाली में बदल

दरअसल, भेरूलाल धाकड़ ऊर्फ ट्री मैन को पेड़ लगाने की यह प्रेरणा महाराष्ट्र के जलगांव से मिली है, जहां वें सन् 1984 में रोजगार की तलाश में गए थे. वहीं एक सेठ की फार्म में काम करते हुए उन्होंने वृक्षारोपण की यह कला सीखी. इसके बाद 2002 में वापस अपने गांव नौगांवा आ गए. इसके बाद उनके मन में गांव की बंजर पहाड़ी को हराभरा रखने का ख्याल आया. फिर क्या था भेरूलाल वर्ष 2009 से इस कार्य में जुट गए. अपने अभियान में और 10 बीघा बंजर पहाड़ी को हरियाली में बदल दिया. अब अगला टारगेट ढाई हजार पौधे लगाकर उन्हें पेड़ बनाने का है.

कलेक्टर ने भी लिया आमों का स्वाद

रतलाम के इस ट्री मैन की मेहनत को देखकर हर कोई हैरान है. जिला कलेक्टर रुचिका चौहान भी अपने आला अधिकारियों के साथ इस ट्री मैन के बगीचे को देख चुकी हैं. साथ ही वहां लगे आमों को स्वाद भी ले चुकी हैं. जिला प्रशासन अब भेरूलाल धाकड़ की मदद के लिए गांव में ही समूह बनवा रहा है. ताकि पेड़ों पर लगे आमों को बेचकर समूह कुछ मुनाफा कमा सके.
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First published: June 23, 2019, 12:29 PM IST
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