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रतलाम : जर्जर छत ढहने से खत्म हो गया एक परिवार, पति-पत्नी और दो बच्चों की मौत

रतलाम में छत ढहने से पति-पत्नी और बच्चों की मौत

रतलाम में छत ढहने से पति-पत्नी और बच्चों की मौत

House Collapse: मकान बेहद जर्जर हो गया था. इसकी मरम्मत के लिए छत पर एक ट्रॉली गिट्टी डलवाई गई थी. गिट्टी का वज़न जर्जर छत सहन नहीं कर सकी.

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रतलाम. शहर के जवाहर नगर में गुरुवार सुबह बड़ा हादसा (accident) हो गया. यहां एक जर्जर मकान की छत ढहने से पति,पत्नी और उनके दोनों बच्चों की मौत हो गयी. मां और बच्चों की मौके पर ही मौत हो गयी थी, पति ने बाद में अस्पताल (Hospital)में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

रतलाम के जवाहर नगर में ऐसा हादसा हुआ कि एक हंसता-खेलता परिवार मौत के आगोश में चला गया.. यहां  एक जर्जर मकान की छत ढह गयी. इसकी चपेट में यहां रहने वाले मोहन और उनका परिवार आ गया. मोहन झाबुआ के पारा गांव का रहने वाला था और रतलाम में ड्राइवर का काम करता था. छत जैसे ही भरभरा कर गिरी घर के अंदर सो रहा पूरा परिवार उसके मलबे में दब गया. मोहन, उसकी पत्नी और दो बच्चों की मौत हो गयी. मोहन इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया. लेकिन उसने भी दम तोड़ दिया.





गिट्टी का लोड नहीं सह पायी छत
मोहल्ले के लोगों का कहना है कि मकान बेहद जर्जर हो गया था. इसकी मरम्मत के लिए छत पर एक ट्रॉली गिट्टी डलवाई गई थी. गिट्टी का वज़न जर्जर छत सहन नहीं कर सकी और भरभराकर ढह गई. मोहन अपने परिवार के साथ चार बत्ती चौराहे की चाल के इस घर में किराये से रहता था. मकान की छत गर्डर की बनी हुई थी, जिसकी मरम्मत होनी थी. छत की रिपेयरिंग के लिए ही एक ट्रॉली रेती डाली गई थी. छत गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए भागे. चारों घायलों को तत्काल एम्बुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन मोहन की पत्नी 35 साल और 10 और 6 साल के बच्चों को नहीं बचाया जा सका.

पीड़ित परिवार की मदद
घटना की सूचना पर सिटी एसडीम लक्ष्मी गामड, तहसीलदार गोपाल सोनी और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों से मामले की जानकारी ली. एसडीएम के अनुसार, मृतकों के परिवार को शासन के नियम के अनुसार मदद दी जाएगी. औद्योगिक थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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