देखिए Video: जब सांप को बचाने के लिए जान दांव पर लगाकर कुएं में उतरा यह शख्‍स

रतलाम में सांप का रेस्क्यू ऑपरेशन
रतलाम में सांप का रेस्क्यू ऑपरेशन

गणेश मालवीय क्षेत्र में सांपों के मित्र के नाम से जाने जाते हैं. वे सांपों (Snakes) को लेकर लोगों को जागरूक भी करते हैं

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रतलाम.सांप (Snake) दिखते ही जहन में डर बैठ जाता है, घबराहट होने लगती है और कई बार तो लोग इससे बचने के लिए सिर पर पैर रखकर भाग जाते हैं. लेकिन, कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो एक सांप की जान बचाने के लिए अपनी जान की बाज़ी तक लगा देते हैं. रतलाम के एक गांव में ऐसा ही नजारा देखने को मिला जहां एक शख्स, सांप को बचाने के लिए पानी से भरे 7O फ़ीट गहरे कुएं में उतर गया, जबकि उसे तैरना तक नहीं आता था.

ऐसे नज़ारे कम ही देखने को मिलते हैं, जब एक सांप की जान बचाने के लिए कोई शख्स अपनी जान पर खेल जाए. रतलाम में एक व्यक्ति सांप को बचाने के लिए रस्सी के सहारे 70 फ़ीट गहरे कुएं में उतर गया. जबकि इस शख्स को कुएं में उतरने का कोई भी अनुभव नहीं था और ना ही उसे तैरना आता था.

पूरा वाकया रतलाम जिले के बड़ायला माताजी गांव का है. यहां किसान हीरालाल पाटीदार के मरम्मत के लिए मजदूर एक कुएं में उतरे तो साक्षात् नागराज से सामना हो गया. मजदूर सांप को मार देते इसके पहले की किसान ने सर्पमित्र और शिक्षक गणेश मालवीय को कॉल कर कुएं में सांप होने की जानकारी दी. खबर मिलते ही सर्प मित्र गणेश मालवीय फौरन मौके पर पहुंच गए. उन्होंने सांप को कुएं से निकालने का फैसला किया. वो सिर्फ रस्सी के सहारे जान पर खेलकर 70 फ़ीट गहरे कुएं में उतर गए. कुएं में 25 से 30 फ़ीट पानी भी भरा हुआ था.




15 मिनट का इंतज़ार और फिर...
तकरीबन 10 से 15 मिनट की सर्चिंग के बाद सांप किनारे पर बाहर निकला.जिसे बिना किसी संसाधन के ही इस शख्स ने अपने हाथ से पकड़ लिया. 7 लंबा चौड़ा सांप बिना किसी दिक्कत के एक बार में गणेश के हाथ आ गया. मानों उसकी बरसों से पहचान है. गणेश ने उसे एक बैग में सुरक्षित भर लिया और रस्सी के सहारे ही बाहर निकल आए. बाद में 7 फ़ीट लम्बे नागराज को जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया.

सर्प मित्र गणेश
गणेश मालवीय क्षेत्र में सांपों के मित्र के नाम से जाने जाते हैं.वे सांपों को लेकर लोगो को जागरुक भी करते हैं.खास बात ये की पिपलौदा के यह सर्प मित्र और शिक्षक गणेश मालवीय तैरना नहीं जानते हैं बावजूद इसके वे उसे कुएं से निकालने के लिए अपनी जान पर खेल गए. बहरहाल ऐसे नज़ारे जहां आंखों को सुकून देते हैं वही इस बात का सन्देश भी देते हैं कि इन प्राणियों के लिए कुछ लोगो के जहन में मानवता अभी बाकी है.

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