रीवा में वासनिक के सामने ही भिड़ गए कांग्रेस कार्यकर्ता, खुलकर सामने आई गुटबाजी

मुकुल वासनिक को अंदाजा भी नहीं था कि ये होगा.

मुकुल वासनिक को अंदाजा भी नहीं था कि ये होगा.

कांग्रेस के मध्‍य प्रदेश प्रभारी मुकुल वासनिक को अंदेशा भी नहीं होगा कि कार्यकर्ता उन्हीं के सामने बेकाबू हो जाएंगे और एक-दूसरे को मारने पर उतर आएंगे.

  • Last Updated: December 19, 2020, 2:52 PM IST
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अर्पित पांडे

रीवा. मध्‍य प्रदेश में नगर निकाय चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी मुकुल वासनिक शनिवार को रीवा पहुंचे. इस दौरान कांग्रेस की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई. वासनिक ने जैसे ही कार्यकर्ताओं को एजेंडा समझाना शुरू किया वैसे ही दावेदारों की भीड़ लग गई और आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया. कार्यकर्ताओं के बीच जमकर तूतू-मैंमैं होने लगी. गुटों के बीच हाथापाई तक की नौबत आ गई.

गौरतलब है कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी मुकुल वासनिक ने शुक्रवार को जबलपुर में कहा कि भाजपा अपनी सत्ता संभाले हम भाजपा की गलतियों को उजागर करते रहेंगे. प्रदेश के गृह मंत्री द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को सदी का भ्रष्टतम सीएम बोलने वाले बयान पर उन्होंने कहा कि गृह मंत्री के बयानों को गंभीरता से लेना हमारे स्वास्थ्य और लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं.

'कांग्रेस अलग दौर से गुजर रही है'
निकाय चुनाव के मद्देनजर जबलपुर पहुंचे वासनिक ने कहा था कि कांग्रेस एक अलग दौर से गुजर रही है. मैं अपने दौरों के माध्यम से राजनैतिक हालात और निकाय चुनाव की तैयारियों को समझ रहा हूं. निकाय चुनाव को लेकर चयन समिति बनी है. जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष इसके प्रमुख होंगे. इनके अलावा लोकसभा चुनाव लड़ चुके सदस्य, महिला कांग्रेस और युवक कांग्रेस के अध्यक्ष इस समिति के सदस्य होंगे. इनकी अनुशंसा पर ही प्रत्याशियों का चयन होगा. वासनिक अपने प्रवास के दौरन जबलपुर के साथ कटनी और नरसिंहपुर में भी बैठक करेंगे.

प्रत्याशी चयन के लिए जिला स्तर पर बनेगी समिति

गौरतलब है कि वासनिक गुरुवार को निकाय चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर सागर पहुंचे थे. इस दौरान उनके साथ सागर के प्रभारी पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी थे. उन्होंने सागर संभाग के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की एमएस गार्डन में बैठक ली. वासनिक ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने यह तय किया है कि जिला स्तर पर ही एक समिति बनेगी. प्रत्याशियों के चयन करने का काम उस समिति को ही करना है. जिला समिति की अनुशंसा पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अंतिम फैसला लेगी. उन्होंने कहा भाजपा सत्ता के लिए कुछ भी काम करती है. हम पूरी ताकत से निकाय चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे.



मप्र में बढ़ गई थी सियासी सरगर्मी

गौरतलब है कि मप्र में लंबे समय से अटके नगरीय चुनाव को लेकर सरगर्मियां बढ़ गई हैं. प्रदेश के 16 नगर निगम के महापौर सीट, 99 नगर पालिका और 292 नगर परिषदों के अध्यक्ष पद के आरक्षण की लिस्ट हाल ही में जारी कर दी गई थी. विधानसभा उपचुनाव की जंग जीतने के बाद बीजेपी के हौसले बुलंद हैं. लेकिन, कांग्रेस ने भी निकाय चुनाव जीतने की कोशिशें तेज कर दी हैं. 16 नगर निगमों की आधी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर दी गई हैं. इंदौर और जबलपुर में महापौर का पद अनारक्षित होगा. यहां कोई भी चुनाव लड़ सकता है. भोपाल और खंडवा पिछड़े वर्ग की महिला, मुरैना एससी समुदाय की महिला और सागर, बुरहानपुर, ग्वालियर, देवास और कटनी में महापौर पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं.
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