होम /न्यूज /मध्य प्रदेश /Kuldeep Sen: बेटे पर गर्व, लेकिन सैलून चलाता रहूंगा, पढ़ें क्रिकेटर कुलदीप सेन के पिता की कहानी

Kuldeep Sen: बेटे पर गर्व, लेकिन सैलून चलाता रहूंगा, पढ़ें क्रिकेटर कुलदीप सेन के पिता की कहानी

Kuldeep Rampal Sen: रीवा के कुलदीप रामपाल सेन अपनी रफ्तार के कारण क्रिकेट की दुनिया में 'रीवांचल एक्‍सप्रेस' के नाम से ...अधिक पढ़ें

    रिपोर्ट: आशुतोष तिवारी

    रीवा. ‘कुलदीप सेन’ पर रीवा के हर एक नागरिक को नाज है. दरअसल रीवा के कुलदीप अपनी तूफानी गेंदबाजी के कारण ‘रीवांचल एक्‍सप्रेस’ के नाम से मशहूर हैं. बीसीसीआई ने न्‍यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में उनको चुना था, लेकिन वह डेब्‍यू नहीं कर सके. अब एक बार फिर उनको बांग्लादेश दौरे के लिए टीम इंडिया में शामिल किया गया है. हालांकि कुलदीप की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले उनके पिता आज भी नाई की पुश्तैनी दुकान चला रहे हैं.

    यकीनन भारतीय तेज गेंदबाज कुलदीप को एक मैच के लिए जितना पैसा मिलता है, उनके पिता उतना एक साल में भी नहीं कमा पाते हैं. जबकि संघर्षों के बीच पालन पोषण करने वाले कुलदीप के पिता रामपाल सेन ने आज भी अपना पुश्तैनी काम नहीं छोड़ा है. वह आज भी सैलून चलाते हैं. रामपाल सेन का कहना है कि जिस दुकान ने उनके परिवार को इस स्तर पर पहुंचाया, उसे कैसे छोड़ सकता हूं. साथ ही कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है. कुलदीप अपने लक्ष्य के लिए डटा है. उसका लक्ष्य टीम इंडिया के लिए खेलना है. कुलदीप ने अपने जीवन में बहुत संघर्ष किया है.

    स्तर कितना भी ऊंचा हो जाए मैं सैलून चलाता रहूंगा
    कुलदीप के पिता ने बताया कि सैलून की दुकान उनका पुश्तैनी धंधा है. वह (कुलदीप) जीवन में खूब आगे बढ़े और खूब नाम रौशन करे. साथ ही कहा कि कुलदीप का स्तर कितना भी ऊंचा हो जाए, लेकिन मुझे अपने ही स्तर पर चलना है और सैलून की दुकान ही चलानी है. बता दें कि रामपाल सेन की रीवा में फाइन हेयर कटिंग सैलून के नाम से दुकान है.

    लगातार बेहतर खेल से टीम में बनाई जगह
    कुलदीप को यह सफलता एक-दो दिन में नहीं मिली है बल्कि इसके लिए उन्होंने लंबे समय तक खुद को साबित किया है. घरेलू मैचों में कुलदीप ने अपना जौहर दिखाया, तो वहीं आईपीएल मैचों में शानदार प्रदर्शन कर कई विकेट अपने नाम किए. इसी के दम पर कुलदीप को भारतीय टीम में जगह मिली है. बता दें कि कुलदीप सेन का जन्म मध्यप्रदेश के रीवा जिले में हुआ है और उनको रीवा की शान कहा जाता है. कुलदीप 140 KMPH की तूफानी रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं. कुलदीप को न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज में पहली बार टीम इंडिया में जगह मिली थी. अब उन्हें बांग्लादेश के लिए चुना गया है.जबकि रीवांचल एक्‍सप्रेस ने साल 2018 में रणजी ट्रॉफी मुकाबले के जरिए अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था.

    Tags: BCCI, IPL, Rewa News, Success Story

    टॉप स्टोरीज
    अधिक पढ़ें