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लिट्टी चोखा अब बिहार-यूपी का ही व्यंजन नहीं रहा, यहां भी बढ़ रहे हैं इसके देसी स्वाद के दीवाने

लिट्टी चोखा अब केवल उत्तर प्रदेश और बिहार का व्यंजन नहीं रहा. अब ये इन प्रदेशों की सीमा से बाहर निकलकर अन्य प्रदेशों मे ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट – आशुतोष तिवारी

रीवा. शहरों का स्वाद से पुराना नाता होता है. हर शहर या क्षेत्र का अपना कुछ न कुछ अलग प्रचलित व्यंजन जरूर होता है. ठीक उसी तरह लिट्टी चोखा यूपी बिहार का व्यंजन माना जाता था, लेकिन अब इसने दूसरे शहरों में भी अपनी पहचान बना ली है. लिट्टी चोखा अब केवल उत्तर प्रदेश और बिहार का व्यंजन नहीं रहा. अब ये इन प्रदेशों की सीमा से बाहर निकलकर अन्य प्रदेशों में भी लोगों को अपने स्वाद का दीवाना बना रहा है.

मध्य प्रदेश के रीवा में भी लिट्टी चोखा का ट्रेंड शुरू हो चुका है. और इस व्यंजन का लुत्फ रीवा वासी बड़े ही चाव के साथ उठा रहे है. रीवा में न्यू बस स्टैंड के पास समदड़िया मल्टीप्लेक्स के सामने लिट्टी चोखा का ठेला लग रहा है. इस ठेले में मिलने वाले देसी घी में डूबे हुए लिट्टी और आलू, बैगन और सब्जियों की मदद से बनाया गया चोखा का स्वाद रीवा के लोगों को अपना दीवाना बना रहा है.

स्वाद के साथ स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक
लिट्टी चोखा खाने के फायदे भी अनेक है. लिट्टी चोखा ज्यादा ऑयली भी नहीं होता. जंक फूड की तुलना में लिट्टी चोखा में बेहद कम मशाले का इस्तेमाल किया जाता है. लिट्टी भुने चने के सत्तु से तैयार होता. और चोखा बैगन, आलू , टमाटर, धनिया से तैयार होता है. चने का सत्तूसे इन्सुलिन रेसिस्टेंट की समस्या को कंट्रोल करने में मदद मिलती है तो वहीं बैंगन का चोखा खाने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने में मदद मिलती है. इसलिए लिट्टी चोखा डायबिटीज के मरीजों के साथ-साथ ब्लड प्रेशर और हृदय से संबंधित समस्याओं से ग्रस्त लोगों के लिए भी अच्छा होता है.

यही कारण है कि भागदौड़ भरी जिंदगी में रीवा के लोग लिट्टी चोखा के शौकीन होते जा रहे है. इस व्यंजन को खाने से भूख तो मिटती ही है. पेट भी अच्छा रहता है. और शरीर को भरपूर मात्रा में प्रोटीन और विटामिन मिलता है. और इसे खाने से शुगर लेवल भी नियंत्रित रहता है।

Tags: Mp news, Rewa News

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