VIDEO: महिला सब-इंस्पेक्टर के बिछाए जाल में इस तरह फंस गया डॉक्टर

रीवा में महिला थाने की सब-इंस्पेटर ने लिंग परीक्षण की हकीकत जानने के लिए अग्रवाल नर्सिंग होम में पहुंचकर एक चाल चली, जिसके बाद डॉक्टर उसमें फंस गया और रंगे हाथ धरा गया.

Anchal Shukla | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 5, 2019, 7:02 PM IST
Anchal Shukla
Anchal Shukla | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 5, 2019, 7:02 PM IST
रीवा में महिला पुलिस अधिकारियों ने अपनी सूझबूझ से लंबे समय से लिंग परीक्षण कर रहे अग्रवाल नर्सिंग होम के संचालक डॉक्टर अरुण अग्रवाल को धर दबोचा. कलेक्टर के निर्देश के बाद प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर में संचालित अग्रवाल नर्सिंग होम के संचालक के घर में शुक्रवार की सुबह दबिश दी और लिंग परीक्षण करने के दौरान ही डॉक्टर अरुण अग्रवाल को पकड़ लिया. पुलिस ने अपनी एक महिला सब इंस्पेक्टर को लिंग परीक्षण कराने के लिए भेजा, जिसके बाद डॉक्टर रंगे हाथों पकड़ा गया.

सोफे पर बैठे पानी की बोतल से मुंह छुपाते हुए डा. अरुण अग्रवाल


अग्रवाल नर्सिंग होम में गुप्त रूप से लिंग परीक्षण होने की शिकायत रीवा के कलेक्टर ओम प्रकाश श्रीवास्तव से की गई थी, जिस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को शिकायत की जांच करने व सही पाए जाने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे. उसी के बाद जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग व पुलिस की एक संयुक्त टीम पूरे मामले की पड़ताल में लग गई थी.

महिला थानाधिकारी ने 6 हजार में की बात पक्की 

प्रशासन ने पड़ताल की जिम्मेदारी महिला थाना को सौंपी, जिसके बाद महिला थाना प्रभारी आराधना सिंह ने अपने साथी मित्र सब इंपेक्टर चित्रांगना सिंह (जिनको करीब 5 माह का गर्भ है) के साथ अग्रवाल नर्सिंग होम पहुंचीं और सोनोग्राफ़ी कराने के बारे में चर्चा की. नर्सिंग होम में उन्हें एक दलाल मिला जिससे लिंग परीक्षण को लेकर सारी चर्चा हुई और 6 हजार रुपए में बात पक्की हुई.

जैसे ही डॉक्टर ने सोनोग्राफ़ी शुरू की दबोचा गया

शुक्रवार की सुबह 9 से 10 के बीच परीक्षण के लिए बुलाया गया था और जैसे ही डॉक्टर ने सोनोग्राफ़ी करनी शुरू की. पूरी टीम मौके पर पहुंच गई और डॉक्टर को धर दबोचा. अग्रवाल नर्सिंग होम के संचालक डा. अरुण अग्रवाल अपने घर के एक कमरे में लिंग परीक्षण करते थे. कार्रवाई कर रही टीम ने बताया कि हर सोनोग्राफ़ी मशीन का रजिस्ट्रेशन व उसे चलाने वाले का रजिस्ट्रेशन कलेक्ट्रेट से होता है, लेकिन न तो मशीन का रजिस्ट्रेशन है और न संचालक का. उन्होंने बताया कि पूर्व प्रसव निदान तकनीक अधिनियम 1994 के तहत कार्रवाई की जा रही है मशीन को जब्त किया जाएगा और जांच के बाद जो उचित कार्रवाई होगी की जाएगी.
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First published: July 5, 2019, 6:12 PM IST
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