कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी से लिया सबक, अब बागेश्वर धाम ने उठाया ये कदम

पूरे बुंदेलखंड की ग्राम पंचायतों में बागेश्वर बगीचा नाम से ये पौधे लगाए जाएंगे.

Rewa-बागेश्वर धाम सरकार ने सभी शिष्यों से अपील की कि हर शिष्य इस वर्ष 5, 11 , 21 या 101 वृक्ष लगाए और पौध बचाने का संकल्प ले.

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रीवा. कोरोना की दूसरी लहर (Second wave) में ऑक्सीजन की कमी और मौत के तांडव के बाद सभी लोग ऑक्सीजन का महत्व समझ चुके हैं. पर्यावरण की रक्षा और ऑक्सीजन की कमी दूर करने के लिए बुंदेलखंड के जाने-माने बागेश्वर धाम ने सवा 11 लाख पौध लगाने का फैसला किया है. इसकी शुरुआत वहां के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने 51 पौधे रौंपकर की.

कोरोना कॉल में ऑक्सीजन की जरूरत को देख कर बागेश्वर धाम ने सवा 11 लाख वृक्ष लगाने का संकल्प लिया है. पूरे बुंदेलखंड की ग्राम पंचायतों में बागेश्वर बगीचा नाम से ये पौधे लगाए जाएंगे.

गांव गांव बागेश्वर बगीचा बनाने का संदेश
पन्ना में आज अचानक बागेश्वरधाम  पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण जेल के पास पुरुषोत्तमपुर पहुंचे और उन्होंने 51 पौधे रौंपे. धीरेंद्र कृष्ण ने पीपल और बरगद के 51 पौधे लगाए. पेड़ लगाने के बाद कहा कोरोना की इस भीषण महामारी में ऑक्सीजन की कमी से लोगों को कष्ट उठाना पड़ा है. पेड़ों की लगातार कटाई के कारण ऑक्सीजन की कमी हुई है. इसी कारण कोरोना  जैसी महामारी ने गंभीर रूप ले लिया है. हालात को देखते हुए बागेश्वर धाम से शिष्य मंडल ने यह फैसला किया है कि इस साल पूरे बुंदेलखंड में सवा ग्यारह लाख वृक्ष   लगाए जाएंगे और सभी वृक्षों को बचाया भी जाएगा.

पेड़ लगाने और पालने का संकल्प
पन्ना जेल परिसर के बगल में बागेश्वर वाटिका का उद्घाटन करते हुए धीरेंद्र कृष्ण ने पूरे विधि-विधान और पूजन पाठ के साथ सबसे पहले पीपल का वृक्ष लगाया और इसके बाद बरगद पौधा रौंपा. सभी  शिष्यों से अपील की कि हर शिष्य इस वर्ष 5, 11 , 21 या 101 वृक्ष लगाए और पौध बचाने का संकल्प लें. इन सभी वृक्षों को पाल पोस कर बड़ा करेंगे और इन वृक्षों की सेवा के साथ अपने नजदीकी मित्रों और परिवारजनों को वृक्षों का महत्व बताएंगे.

एक हिंदू-एक गाय
बागेश्वर सरकार ने कहा पूरे बुंदेलखंड में यदि हम सवा लाख पेड़ लगाकर उन्हें पाल पोस कर बड़ा करेंगे तो हमें लाखों मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिलेगी और  पूरे बुंदेलखंड को हरा-भरा किया जा सकेगा. उन्होंने कहा जहां आज से 20 वर्ष पहले जंगल था अब वह इलाका वीरान हो गया है. लगातार वृक्ष कट रहे हैं ऐसे में मानव जाति के साथ प्रकृति में संकट पैदा होगा.  प्राकृतिक नुकसान के कारण महामारी आ रही हैं. उन्होंने अपील की कि प्रकृति को बचाना है. गौ माता की भी सेवा करना है. उन्होंने संकल्प दिलाया एक हिंदू एक गाय के संकल्प से ही गाय को बचाया जा सकता है. पेड़ लगाकर प्रकृति की सेवा की जा सकती है.

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