रीवा के इस कॉलेज में पढ़ते हैं ये 78 साल के छात्र, जलवा ऐसा कि सेल्फी लेने को मचती है होड़

78 वर्षीय अयोध्या सिंह ड्रेस में कॉलेज (College) आते हैं. वे रीवा के ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय (Thakur Ranmat Singh College Rewa) के सबसे नियमित और अनुशासित छात्र हैं. वे अपने उस शौक को इस उम्र में पूरा कर रहे हैं जिसे वो ज़िम्मेदारियों के चलते तब नहीं कर पाए थे.

Anchal Shukla | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 13, 2019, 5:13 PM IST
रीवा के इस कॉलेज में पढ़ते हैं ये 78 साल के छात्र, जलवा ऐसा कि सेल्फी लेने को मचती है होड़
रीवा के ठाकुर रणमत सिंह कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं 78 वर्षीय छात्र अयोध्या सिंह
Anchal Shukla
Anchal Shukla | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 13, 2019, 5:13 PM IST
रीवा (Rewa) के ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय (Thakur Ranmat Singh College) में पढ़ाई कर रहे हैं 78 वर्षीय छात्र अयोध्या सिंह. उन्होंने स्नातकोत्तर तक की पढ़ाई की है और एक शिक्षक (Teacher) के रूप में कार्य कर सेवानिवृत (Retire) हुए हैं. अयोध्या सिंह का बच्चे और नाती पोतों से सजा पूरा परिवार है, लेकिन नियमित पढ़ाई करने की चाह उन्हें कॉलेज खींच लाई है. कॉलेज लाइफ जीने के अपने सपने को पूरा करने के लिए वो रीवा के ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय (TRS) में समाज शास्त्र से MA कर रहे हैं. अयोध्या सिंह अपने कॉलेज इतने पॉपुलर हैं कि उन्हें देखते ही छात्र-छात्राओं में सेल्फी लेने की होड़ लग जाती है.

आर्थिक संकट बना रुकावट
अयोध्या सिंह बताते है जब कॉलेज में पढ़ने की उम्र थी तो परिवार की जिम्मेदारियां और आर्थिक संकट रुकावट बन गए. किसी तरह प्राइवेट छात्र के रूप में डिग्री ली. 1961 में उन्होंने शिक्षक की सरकारी नौकरी की,  कई स्कूलों में शिक्षक के रूप में कार्य किया और वर्ष 2004 में सरकार ने सेवानिवृत्ति कर पेंशनर बना दिया. उनकी पत्नी का निधन हो चुका है, एक बेटा उड़ीसा तो दूसरा इंदौर में है. घर में अकेले हैं, अब 78 वर्ष की उम्र में कॉलेज जाने की इच्छा पूरी करने के लिए उन्होंने कॉलेज में दाखिला ले लिया है.

News - नियमित और अनुशासित छात्र हैं अयोध्या सिंह
नियमित और अनुशासित छात्र हैं अयोध्या सिंह


आसान नहीं था एडमिशन लेना
रीवा जिले के डिहिया के निवासी और संभवत: देश के सबसे उम्रदराज़ छात्र अयोध्या सिंह की गिनती कॉलेज के सबसे नियमित और अनुशासित छात्र के रूप में की जाती है. वे कॉलेज की ड्रेस में पढने आते हैं और शिक्षकों द्वारा मिले तमाम निर्देशों का पूरी तरह पालन भी करते हैं. श्री सिंह ने बताया कि एक दिन एक अखबार में उन्होंने देखा कि अब किसी भी उम्र का व्यक्ति कॉलेज में एडमिशन ले सकता है. हालांकि उनकी राह आसान नहीं थी, क्योंकि पढ़ाई छोड़े अरसा हो गया था और एडमिशन के लिए आवश्यक दस्तावेज़ भी नहीं थे. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. मेहनत से दस्तावेज जुटाए और एडमिशन ले लिया.

अयोध्या सिंह की दिनचर्या
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वर्तमान में उनकी दिनचर्या युवा कॉलेज छात्र की तरह ही है, जो सुबह उठते हैं,  गाय के लिए भूसा-चारे का इंतजाम करने के बाद भोजन खुद बनाते हैं और खाने के बाद अपने गांव से 20 किलोमीटर दूर मोटरसाइकिल चलाकर कॉलेज जाते हैं.

News - अपने गाँव से 20 किमी दूर मोटरसाइकिल चलाकर कालेज आते हैं अयोध्या सिंह
अपने गाँव से 20 किमी दूर मोटरसाइकिल चलाकर कालेज आते हैं अयोध्या सिंह


बाबाजी कहकर बुलाते हैं छात्र
जब कॉलेज के बच्चों ने अयोध्या सिंह को क्लास में यूनिफार्म पहने पढ़ते देखा तो उन्हें थोड़ा आश्चर्य हुआ, लेकिन उनके जज्बे और पढ़ने की इच्छाशक्ति को देखते हुए वो भी उनकी तारीफ करते हैं और कहते हैं कि ये हमारे लिए एक आदर्श हैं. कॉलेज के सभी उन्हें बाबाजी कहकर पुकारते हैं. अयोध्या सिंह कॉलेज में छात्रों के बीच इतने पॉपुलर है की छात्र उन्हें देखते ही उनके साथ सेल्फी लेने लगते हैं.

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First published: September 13, 2019, 5:09 PM IST
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