होम /न्यूज /मध्य प्रदेश /

आरजीपीवी में 170 करोड़ रुपए के घोटाले में कुलपति उलझे, सरकार ने राजभवन को लिखा पत्र

आरजीपीवी में 170 करोड़ रुपए के घोटाले में कुलपति उलझे, सरकार ने राजभवन को लिखा पत्र

कुलपति की कार्यप्रणाली से तकनीकी शिक्षा मंत्री भी हैं बेहद नाराज

कुलपति की कार्यप्रणाली से तकनीकी शिक्षा मंत्री भी हैं बेहद नाराज

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) के विवादित कुलपति प्रो सुनील कुमार पर निर्माण कार्यों में 170 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप है. मध्यप्रदेश सरकार ने राजभवन को जांच के लिए पत्र लिखा है.

भोपाल. राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV, आजीपीवी) के कुलपति प्रो सुनील कुमार निर्माण कार्यों समेत अन्य कामों में हुए करीब 170 करोड़ रुपए के घोटाले में संदेह के घेरे में आ गए हैं. तकनीकी शिक्षा विभाग ने कुलपति प्रो कुमार की भूमिका को संदेहास्पद मानते हुए राजभवन को पत्र लिखा है. इसमें विभाग ने अपने स्तर पर जांच कमेटी बनाने की मांग की है.
कुलपति प्रो कुमार के पहले कार्यकाल में साल 2019-20 में आरजीपीवी में विभिन्न निर्माण कार्य हुए थे. इसके अलावा गेस्ट फैकल्टीज को कोर्ट में केस विचाराधीन होने के बीच ज्यादा भुगतान कर दिया गया था. इस दौरान रजिस्ट्रार का प्रभार प्रो एसएस कुश्वाह के पास था. निर्माण कार्यों समेत खरीदी में फर्जीवाड़े के आरोप लगाते हुए शिकायत राज्य शासन तक पहुंची थी. शासन ने इस मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन उज्जैन के शासकीय इंजीनियर कॉलेज के प्रो एसके जैन की अध्यक्षता में किया था. प्रो जैन ने शिकायतों को सही पाते हुए जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी थी. इस पर शासन ने आरजीपीवी के कुलपति प्रो कुमार को तत्कालीन रजिस्ट्रार कुश्वाह के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा था. वहीं, आरजीपीवी के तत्कालीन रजिस्ट्रार एसएस कुश्वाह को तो इस मामले की जांच कर रही कमेटी दोषी भी पा चुकी है.
यह भी पढ़ें : मध्य प्रदेश में प्राइम लोकेशन वाले सरकारी दफ्तरों को तोड़कर बनेंगे अपार्टमेंट्स और मॉल्स

कुलपति ने कार्रवाई की बजाय जांच ही ठंडे बस्ते में डाली
कुलपति प्रो कुमार ने प्रो कुश्वाह पर कार्रवाई के लिए अपने स्तर पर एक कमेटी का गठन कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया. इस पर सरकार ने नाराजगी जताते हुए फिर से पत्र लिखकर कुश्वाह के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा. लेकिन सरकार के बार-बार पत्र लिखने के बावजूद जब कुलपति ने कोई कार्रवाई नहीं की तो अब विभाग ने राजभवन को पत्र लिखा है. इस पत्र में विभाग ने लिखा है कि कुलपति की भूमिका भी इस मामले में संदेह के घेरे में है. इस वजह से विभाग को अपने स्तर पर हाईलेवल कमेटी बनाकर कार्रवाई की अनुमति दी जाए. राज्यपाल और कुलाधिपति मंगूभाई पटेल की अनुमति के बाद इस मामले में कार्रवाई हो सकेगी.
यह भी पढ़ें : व्यापमं पार्ट टू: सरकारी जांच रिपोर्ट में पुलिस आरक्षक भर्ती में नहीं मिला फर्जीवाड़ा, परीक्षा निरस्त होने की संभावना नहीं

मंत्री भी कुलपति से नाराज
प्रो कुमार की कार्यप्रणाली को लेकर तकनीकी शिक्षा मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया भी बेहद नाराज हैं. मंत्री ने पत्र लिखकर कुश्वाह से सभी प्रभार वापस लेने के निर्देश कुलपति को दिए थे. हालांकि कुलपति ने इन निर्देशों की अनदेखी करते हुए प्रो कुश्वाह राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान का प्रभार दे दिया है.

Tags: Bhopal news live, Bhopal news update, Madhya pradesh latest news, MP news Bhopal, Scams in MP, University

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर