निशानेबाजों की नजरें पदकों पर, जीतू करेंगे भारतीय अभियान का आगाज

फाइल फोटो
फाइल फोटो

सितारों से सजा भारतीय निशानेबाजी दल गुरुवार से रियो ओलंपिक में अपने अभियान का आगाज करेगा और सभी की नजरें फार्म में चल रहे जीतू राय पर होंगी, जबकि बीजिंग ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा भी अपने सुनहरे कैरियर को शानदार तरीके से अलविदा कहना चाहेंग.

  • Agencies
  • Last Updated: August 5, 2016, 3:42 PM IST
  • Share this:
सितारों से सजा भारतीय निशानेबाजी दल गुरुवार से रियो ओलंपिक में अपने अभियान का आगाज करेगा और सभी की नजरें फार्म में चल रहे जीतू राय पर होंगी, जबकि बीजिंग ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा भी अपने सुनहरे कैरियर को शानदार तरीके से अलविदा कहना चाहेंग.

लंदन ओलंपिक के छह पदक से बेहतर प्रदर्शन की भारत की उम्मीदों का दारोमदार निशानेबाजों पर ही है. इंदौर के नजदीक महू में आर्मी मार्क्समैनशिप यूनिट के स्टार शूटर जीतू राय के अलावा अभिनव बिंद्रा गगन नारंग, मानवजीत सिंह संधू, हीना सिद्धू और अपूर्वी चंदेला भी पदक के दावेदार हैं.

निशानेबाज रेंज के बाहर ज्यादा बोलने में विश्वास नहीं रखते और सुखिर्यों से दूर रहते हैं. बिंद्रा ने 15 दिन पहले ट्वीट किया था कि वह अपने पांचवें और आखिरी ओलंपिक के खत्म होने तक अब किसी के संपर्क में नहीं रहेंगे.



बिंद्रा के बाद भारत को दूसरा स्वर्ण पदक दिलाने के प्रबल दावेदार जीतू कल 10 मीटर एयर पिस्टल में उतरेंगे. वह 50 मीटर पिस्टल में विश्व चैम्पियन हैं और दोनों स्पर्धाओं में चुनौती पेश करेंगे.
हीना सिद्धू आईएसएसएफ विश्व रैंकिंग में शीर्ष तक पहुंची पहली भारतीय महिला है. इसी साल उसने विश्व कप में रजत पदक जीता था. लंदन में 10 मीटर फाइनल में चूकी हीना इस बार गलती सुधारना चाहेगी.

लंदन में विजय कुमार ने भारत को 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में रजत पदक दिलाया था. उनकी गैर मौजूदगी में गुरप्रीत सिंह पर दारोमदार होगा जिनके कोच भी पावेल स्मिरनोव हैं.

एथेंस में 2004 में राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के रजत पदक के बाद शाटगन निशानेबाज कोई कमाल नहीं कर सके लेकिन इस बार मानवजीत, के चेनाइ (ट्रैप) और मैराज अहमद खान (स्कीट) से पदक की उम्मीद है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज