Home /News /madhya-pradesh /

MP News: अफसरों के आगे फफक पड़ा किसान- 30 दिन में मुआवजा दें, नहीं तो करूंगा सुसाइड!

MP News: अफसरों के आगे फफक पड़ा किसान- 30 दिन में मुआवजा दें, नहीं तो करूंगा सुसाइड!

मप्र के सागर जिले में एक किसान ने प्रशासन को आत्महत्या की चेतावनी दी है.

मप्र के सागर जिले में एक किसान ने प्रशासन को आत्महत्या की चेतावनी दी है.

Sagar big news: कामकाज का सरकारी ढर्रा किस तरह से आम आदमी को तोड़कर रख देता है. इसका उदाहरण है मध्यप्रदेश के सागर का किसान सतेन्द्र सिंह, जो 5 साल से अपनी जमीन के पूरे मुआवजे के लिए चक्कर लगा रहा है, लेकिन अफसर उसकी सुन ही नहीं रहे हैं. आखिरकार सतेंद्र का ये दर्द जनसुनवाई में फूट पड़ा. सतेन्द्र ने रोते-बिलखते फिर अधिकारियों को आवेदन देते हुए साफ चेतावनी देते हुए कह दिया कि “या तो 30 दिन में मुआवजा दें या मुझे मौत. मैं आत्महत्या कर लूंगा, मेरे पास अपनी बूढ़ी मां को जवाब देने के लिए शब्द ही नहीं हैं.

अधिक पढ़ें ...

सागर. सागर में एक किसान ने सरकार को आत्महत्या की चेतावनी दी है. जलाशय में डूबी जमीन का मुआवजा न मिलने से उन्हें परेशानी हो रही है. ये किसान पिछले 5 सालों से दफ्तरों के चक्कर-चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई नहीं सुन रहा. मंगलवार को हुई जनसुनवाई में उन्होंने प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कि अगर अगले 30 दिन में जमीन का मुआवजा नहीं मिला, तो वे जान दे देंगे.

गौरतलब है कि मंगलवार को प्रशासन की जनसुनवाई हो रही थी. उसमें हिलगन के रहने वाले किसान सतेंद्र सिंह भी पहुंचे. सरकारी अधिकारियों ने जब उनसे समस्या पूछी तो उन्हें फफक पड़े. उन्होंने रोते-रोते अधिकारियों को बताया- मेरी पूरी जमीन हिलगन जलाशय में डूब गई. मैं गार्ड की नौकरी कर जैसे-तैसे घर चला रहा हूं. घर में 65 साल की बुजुर्ग मां भी है. वे हर वक्त पूछती हैं कि जमीन का मुआवजा कब मिलेगा. मैं 5 साल से ऑफिस के चक्कर काट रहा हूं. सुनवाई नहीं हो रही. सतेंद्र सिंह ने बताया कि प्रशासन ने अभी तक उन्हें आधी भूमि का ही मुआवजा दिया है.

किसान ने बयां किया अपना दर्द

सतेंद्र ने कहा कि हिलगन जलाशय में उनकी सिंचित उपजाऊ जमीन डूब गई थी. उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि मेरी सिंचित भूमि थी, जबकि उन्हें असिंचित जमीन का पैसा दिया जा रहा है. अधिकारी धमकाते भी हैं कि मुआवजा में जो कुछ मिल रहा है, उसे ले लो. क्योंकि, जमीन तो सरकार जैसे-तैसे ले ही लेगी और मुआवजा भी नहीं मिलेगा. सतेंद्र ने आवेदन में लिखा- ‘आज दिनांक से आगामी 30 दिनों में यदि मेरी जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया तो मैं आत्महत्या कर लूंगा. इसका जवाबदार प्रशासन ही होगा. इसके बाद सरकार को मेरे परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी भी देनी होगी और 4 लाख मुआवजा भी. इसके बाद ही किसान का हक जैसी बात चलने लगेगी.’

Tags: Mp news, Sagar news

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर