अपना कर्ज माफ नहीं हो इसलिए भूख हड़ताल पर हैं किसान, जानें क्या है वजह

मध्य प्रदेश में सागर जिले के खुरई तहसील के करैया गूजर गांव के किसान अपना कर्ज माफ नहीं हो इसलिए भूख हड़ताल पर बैठे हैं. उनका कहना है कि जब उन्होंने कर्ज लिया ही है तो माफी किस बात की हो रही है.

News18 Madhya Pradesh
Updated: August 2, 2019, 8:12 AM IST
अपना कर्ज माफ नहीं हो इसलिए भूख हड़ताल पर हैं किसान, जानें क्या है वजह
कर्ज माफ नहीं हो इसके लिए भूख हड़ताल पर बैठे हैं किसान
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Updated: August 2, 2019, 8:12 AM IST
मध्य प्रदेश में सागर जिले के खुरई तहसील के करैया गूजर गांव के किसान पिछले तीन दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं. इनकी मांग है कि 5 वर्ष पूर्व इनके नाम पर करोड़ों का फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड ऋण निकाला गया था, उसे माफ नहीं किया जाए बल्कि जिसने घोटाला किया है उससे वसूला जाए. किसानों का कहना है कि जब कर्ज नहीं लिया तो कैसी माफी ? भूख हड़ताल पर बैठे किसानों में से दो की हालत बिगड़ने से उन्हें खुरई अस्पताल में भर्ती कराया गया.

भूख हड़ताल के कारण हालत खराब होने पर किसान को अस्पताल में भर्ती कराया गया


किसानों नाम पर बैंक प्रबंधक से मिलकर सरपंच पति ने निकाल लिया था 4.50 करोड़ का लोन

दरअसल लगभग 5 वर्ष पहले करैयागूजर ग्राम पंचायत की सरपंच के पति कुंजन कुर्मी ने बरोदिया नौनगर गांव स्थित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के तात्कालीन बैंक प्रबंधक से मिलकर लगभग 500 किसानों के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लगभग 4.50 करोड़ का लोन किसान क्रेडिट कार्ड से निकाल लिया था. किसानों के संघर्ष के चलते 2014 में दोनों पर केस तो दर्ज हो गया लेकिन अभी तक पुलिस ने आरोपियों का चालान तक पेश नहीं किया. मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों का कर्ज माफ किया तो इन्हीं किसानों के नाम ऋण माफी में आए जिसका सीधा फायदा आरोपी को मिलता. किसानों का कहना है कि जिसके पास एक इंच जगह नहीं है उसकी 12 एकड़ की फर्जी बंदी बनवाकर उस पर भी किसान क्रेडिट कार्ड से लोन निकाल लिया.

इस मामले में पिछले 5 वर्षो से चालान पेश न हो पाने की बात स्वयं पुलिस मान नहीं है. कारण यह है कि इसमें किसानों की संख्या अधिक है सैकड़ों की संख्या में बयान दर्ज हुए हैं. किसी भी प्रकरण के मूल दस्तावेज नहीं लगे. अन्य विभागों से मांगी गई जानकारी अभी तक नहीं मिली है. राजस्व विभाग पर भी इस घोटाले की साजिश में शामिल होने की आशंका है. मंगलवार से अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे दो किसानों की हालत खराब हो गई जिससे बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई जिम्मेदारी नहीं निभाई . एक किसान की हालात गंभीर बताई  जा रही है.
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(रिपोर्ट- राजेश)
First published: August 2, 2019, 8:12 AM IST
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