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तीन साल के मासूम को जेल में बंद मां से मिलाने के लिए देर रात लगी अदालत

तीन साल के मासूम को जेल में बंद मां से मिलाने के लिए देर रात लगी अदालत

बच्चे को मां से मिलवाने के लिए आधी रात में लगी अदालत (सांकेतिक तस्वीर)

बच्चे को मां से मिलवाने के लिए आधी रात में लगी अदालत (सांकेतिक तस्वीर)

बच्चा ज़िद पर अड़ गया तो परिवार के लोग उसे लेकर सागर सेंट्रल जेल पहुंचे. लेकिन जेल के नियम इस मुलाकात में आड़े आ रहे थे. बच्चा जेल के बाहर खड़ा था और मां से मिलने के लिए लगातार बिलख रहा था.

    (रचित दुबे)

    सागर. मध्य प्रदेश के सागर में तीन साल के मासूम (Child) को उसकी मां से मिलाने का अनोखा मामला सामने आया है. बच्चा मां (mother) से मिलने के लिए जिद कर रहा था जो जेल में बंद है. देर रात अदालत (court) लगी और उसने बच्चे को मां से मिलाने का आदेश दिया. बुधवार रात वो अपनी मां से मिलने की ज़िद कर बैठा. बच्चा ज़िद पर अड़ गया तो परिवार के लोग उसे लेकर सागर सेंट्रल जेल पहुंचे. लेकिन जेल के नियम इस मुलाकात में आड़े आ रहे थे. बच्चा जेल के बाहर खड़ा था और मां से मिलने के लिए लगातार बिलख रहा था. बच्चा घर लौटने के लिए तैयार नहीं था. वो करीब तीन-चार घंटे तक वहीं खड़ा रहा.

    देर रात लगी अदालत
    जैसे ही जेल अधिकारियों को इस पूरी घटना के बारे में पता चला वो बच्चे के पास पहुंचे और उसे मां से मिलाने की प्रक्रिया शुरू की. जेल सुपरिटेंडेंट और जेलर ने बच्चे की मदद करने की ठानी. मदद के लिए  विशेष न्यायाधीश एडीजे डी के नागले तक पूरी बात पहुंचायी गयी. रात काफी हो चुकी थी. मजिस्ट्रेट साहब ने मानवीय आधार पर उसी वक्त कोर्ट खुलवाया. कोर्ट में सुनवाई हुई और अदालत ने बच्चे को फौरन उसकी मां से मिलाने का आदेश दिया.

    जेल सुपरिटेंडेंट बोले-करियर में ऐसा मामला पहली बार देखा
    जेल सुपरिटेंडेंट संतोष सिंह सोलंकी का कहना है कि बच्चे की जो स्थिति हमने देखी है वो बहुत मुश्किल भरी थी. बच्चा घर लौटने के लिए तैयार नहीं था. वो जेल के बाहर खड़ा था. उसके मन में ये बैठा हुआ था कि मां बस यहीं जेल में है..और कैसे भी बस वो उससे मिलने आ जाए. सोलंकी के मुताबिक बच्चे को बिस्किट देकर बहलाने की कोशिश की गयी लेकिन बच्चा नहीं माना. वो मां से मिलने के लिए रोए जा रहा था.

    आखिरकार कोई और रास्ता नहीं बचा. फिर हम बच्चे को अपने साथ लेकर गए. बच्चे की ये हालत देखकर हमने माननीय न्यायालय से रात में ही संपर्क किया. पूरी घटना सुनने के बाद मजिस्ट्रेट ने रात में ही कोर्ट खोलने का फैसला किया. अदालत बैठी और सुनवाई होने के बाद अदालत ने बच्चे को मां से मिलाने का आदेश दिया. कोर्ट के आदेश पर अधिकारी फौरन बच्चे को लेकर जेल पहुंचे और उसे उसकी मां को सौंप दिया गया. अब बच्चा जेल की आंगनवाड़ी में है और मां के साथ बहुत खुश है.

    मकान के विवाद में जेल में बंद हैं मां
    बच्चे के माता-पिता भोपाल के रहने वाले हैं. दोनों फिलहाल सागर जेल में बंद हैं. माता-पिता पर धारा 363,366,376 पर मामला दर्ज है. वो मकान के विवाद में जेल में बंद हैं.

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    Tags: Child Care, Madhya pradesh news, Mother waiting her son, Sagar news

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