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सरकारी रिकॉर्ड में मृत किसान 4 साल से दे रहा है जिंदा होने का सबूत, लेकिन सिस्टम है कि सुनता ही नहीं

राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में मृतकों की सूची में शामिल होने की वजह से किसान रामसुजान सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहा है.

राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में मृतकों की सूची में शामिल होने की वजह से किसान रामसुजान सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहा है.

Viral news. मध्यप्रदेश के सतना में किसान को कागजों में मृत घोषित कर देने का मामला सामने आया है. बीते 4 सालों से किसान अ ...अधिक पढ़ें

सतना. सतना में राजस्व विभाग की बड़ी लापरवाही का शिकार हुआ किसान अपने आप को जिंदा करने के लिए गुहार लगा रहा है. किसान पिछले 4 साल से सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है. जबकि वह जिंदा होने की गवाही देते-देते थक चुका है. सरकारी रिकॉर्ड में मृत दिखाने की वजह से वह सरकारी योजनाओं का लाभ उसे नहीं मिल पा रहा है. किसान का आरोप है कि पटवारी ने उससे किसान सम्मान निधि के रुपयों की सेवा जारी रखने की एवज में रिश्वत मांगी थी. रिश्वत नहीं दे पाने की वजह उसे सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया.

मामला सतना जिले के सहिजना गांव के रहने वाले राम सुजान चौधरी का है. रामसुजान एक किसान हैं. उनका कहना है सरकार ने 2018 में उन्हें किसान सम्मान निधि दी. इसकी चार किश्तें उन्हें मिली लेकिन 1 साल बाद अचानक मिलना बंद हो गईं. किसान का आरोप है कि पटवारी ने योजना का लाभ लगातार मिलते रहने की एवज में पांच हजार रुपए की मांग की थी. गरीब किसान ने कहीं से 2000 हजार जुटाकर पटवारी को दिए. किसान के मुताबिक पटवारी साहब को 3 हजार रुपए नहीं मिलना रास नहीं आया. फिर साल 2019 में किसान राम सुजान को सम्मान निधि मिलना बंद हो गई. पता करने पर मालूम हुआ कि राजस्व रिकॉर्ड में राम सुजान की मौत दर्शा दी गई है.

पिछले चार सालों से सरकारी रिकॉर्ड में मृतकों में शामिल है किसान
किसान पिछले 4 साल से राजस्व रिकॉर्ड में मृतकों की सूची में शामिल है. बीते 4 साल से किसान जिंदा होने की गुहार लगा रहा है. प्रशासन को सबूत दे रहा है लेकिन आज तक रिकार्ड में सुधार नहीं किया गया है. किसान सीएम हेल्पलाइन से लेकर जिला कलेक्टर तक से गुहार लगा चुका है लेकिन सुधार नहीं हो सका. किसान परेशान हैं और सिस्टम को कोस रहा है.

मामले में जिम्मेदारों ने चुप्पी साध रखी है
वहीं किसान को राजस्व रिकॉर्ड में मृत दर्शाने के मामले में जिलाधिकारी ने चुप्पी साध रखी है. हालांकि जिले के प्रभारी मंत्री विजय शाह ने आश्वासन दिया है कि राजस्व अधिकारी जल्द ही रिकॉर्ड में सुधार करेंगे. मंत्री ने कहा यह अधिकार राजस्व विभाग का है.

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