चित्रकूट में खत्म होगा भाजपा का 'वनवास' या कांग्रेस मारेगी बाजी..!

चित्रकूट में दीपावली का विशेष महत्व है. (File Photo: Getty Images)
चित्रकूट में दीपावली का विशेष महत्व है. (File Photo: Getty Images)

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सतना जिले के चित्रकूट विधानसभा सीट के हुए उपचुनाव में मतदान के बाद अब मतगणना की बारी है. 12 नवम्बर को होने वाली काउंटिंग में ये भी पता चल जाएगा कि चित्रकूट में कांग्रेस की बादशाहत बरकरार रहेगी या फिर उपचुनाव में राम की नगरी, भाजपा को अपना लेगी.

खासबात ये है कि सत्ताधारी भाजपा के लिए चित्रकूट सीट से मिथक जुड़ा है और वो यह है कि चित्रकूट में आज तक भाजपा का दूसरी बार जीत का सपना नहीं पूरा होना.

9 महीने पहले हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यूपी के चित्रकूट विधानसभा सीट पर जीत का परचम लहराया था अब बारी है एमपी के चित्रकूट विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव की.



हालांकि, भाजपा ने जीत हासिल करने के लिए प्रचार में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है. लेकिन पिछले 27 सालों में इस सीट पर हुए 6 चुनावों में बीजेपी. महज एक बार ही वो भी महज 722 वोटों से जीत सकी थी.
सतना जिले में आने वाले इस सीट के उपचुनाव के लिए हुए मतदान में वोटरों का उत्साह दिखा और 65 फीसदी से ज्यादा वोटरों ने मतदान किया. वोटिंग ज्यादा होने से बीजेपी खेमे में कुछ चिंता नजर आने लगी है क्योंकि उपचुनाव में ज्यादा वोटिंग सत्तापक्ष के खिलाफ में माना जाता है.

प्रदेश में भाजपा 14 साल से सत्ता पर काबिज है, बावजूद इसके चित्रकूट में भाजपा आज तक दूसरी बार जीत हासिल करने का सपना रहा है. सियासी गलियारे में चर्चा इसी बात की है कि क्या भाजपा, उपचुनाव में इस मिथक को तोड़ पाएगी, या फिर सात महीने पहले हुए अटेर विधानसभा उपचुनाव की तरह कांग्रेस चित्रकूट में भी अपना दबदबा कायम रखने में सफल रहेगी.
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