सतना जिले में कुपोषण से आदिवासी बच्‍चे की मौत
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सतना जिले में कुपोषण से आदिवासी बच्‍चे की मौत
कुपोषण का शिकार आनंद मौत से पहले अपनी मां की गोद में.

मध्‍यप्रदेश के सतना जिले की पिडरा आदिवासी बस्ती में आनंद नामक एक मासूम की कुपोषण के चलते मौत हो गई. मृतक आनंद का पूरा परिवार ही भुखमरी के कगार पर है.

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मध्‍यप्रदेश के सतना जिले में दो दशक से भी अधिक समय से कुपोषण एक बड़ी समस्या बना हुआ है. जिले का मझिगवां जनपद कुपोषण के मामले में अव्‍वल है. शासन-प्रशासन की सभी योजनाए यहां दम तोड़ रही हैं. यहां एक बार फिर कुपोषण से एक मासूम मौत के आगोश में चला गया.

ताजा मामला पिडरा आदिवासी बस्ती का है. यहां आनंद नामक एक मासूम की कुपोषण के चलते मौत हो गई. मृतक आनंद का पूरा परिवार ही भुखमरी के कगार पर है. पिता लाला और मां बूटी की हालत भी नाजुक है. सरकार की किसी भी योजना का लाभ इस परिवार को नहीं मिला. यहां तक कि इस परिवार को तीन माह से राशन भी नहीं मिला है.

कुपोषण से हुई मौत के मामले ने जिला प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं. पिडरा गांव में पदस्‍थ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का कहना है कि बच्चा कमजोर था, जिसे पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया था. वह स्वस्थ भी हो गया था, मगर सही खान-पान न मिलने से उसकी तबीयत फिर खराब हुई और मौत हो गई.



बहरहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी मौका मुयायना करने पहुंचे. उन्‍होंने मृतक के माता-पिता की हालत दयनीय होने पर खान-पान की व्‍यवस्‍था किए जाने की बात कही. जांच अधिकारी भी स्वीकार कर रहे हैं कि भूख से पति-पत्‍नी मानसिक संतुलन खो रहे हैं.



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