होम /न्यूज /मध्य प्रदेश /Dussehra 2022: सतना में मौसम ने बदली करवट, तो वाटरप्रूफ रावण का जलना हुआ मुश्किल

Dussehra 2022: सतना में मौसम ने बदली करवट, तो वाटरप्रूफ रावण का जलना हुआ मुश्किल

खुले आसमान के नीचे रावण का पुतला

खुले आसमान के नीचे रावण का पुतला

विजयादशमी के पर्व पर सतना शहर के जवाहर नगर स्टेडियम में रावण दहन की पूरी तैयारी है, लेकिन बारिश की संभावना को देखते हुए ...अधिक पढ़ें

    प्रदीप कश्यप

    सतना. मध्य प्रदेश के सतना में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है. विजयादशमी के पर्व पर सतना शहर के जवाहर नगर स्टेडियम में रावण दहन की पूरी तैयारी है, लेकिन बारिश की संभावना को देखते हुए रावण के पुतले को बनाने वाले कारीगर ने बताया कि इसे वाटर प्रूफ बनाया गया है. मौसम को देखते हुए इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या यह रावण जल पाएगा या नहीं.

    35 फुट ऊंचे रावण के पुतले को किया गया तैयार

    सतना के सुभाष पार्क में बिहारी रामलीला आयोजक मंडल के द्वारा 126 साल से रामलीला मनायी जा रही है. यहां रामलीला के मुख्य आयोजक महंत ब्रजेंद्र कुमार दुबे व सह मंहत शैलेंद्र कुमार दुबे और उनकी 40 सदस्यीय कलाकारों की टीम के द्वारा रामलीला का आयोजन किया जा रहा है. रामलीला का समापन शहर के जवाहर नगर स्टेडियम में किया जाता है. यहां 35 फुट ऊंचे रावण के पुतले को खड़ा किया गया है. रावण का पुतला तैयार करने वाले कारीगर सुरेश सेन उर्फ बब्बू ने बताया कि उन्होंने अपनी टीम के साथ रावण बनाया गया है. इसे बनाने में लगभग सात दिन लगे हैं.

    रावण का पुतला बनाने पर 90 हजार रुपये आया खर्च

    रावण समेत अन्य पुतलों को बनाने में बांस, पैरा, तार, कील, पटाखे और रस्सी का इस्तेमाल किया गया है. इस साल रावण के पुतले को तैयार करने में लगभग 90 हजार रुपये का खर्च आया है, निर्माणकर्ता का दावा है कि यह पुतला वाटरप्रूफ है, लेकिन सतना में रूक-रूक कर हो रही बारिश में रावण के पुतले में लगाया गया वाटरप्रूफ तिरपाल फट चुकी है. ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि इस मौसम में विजयदशमी पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले कैसे जलेंगे.

    Tags: Mp news, Ravana Dahan, Ravana effigy, Satna news

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें