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fake currency : M.Sc. कम्प्यूटर साइंस पास स्टूडेंट छाप रहा था जाली नोट, घर में खोल लिया था छापाखाना

सतना में जाली नोट रैकेट का भांडाफोड़
सतना में जाली नोट रैकेट का भांडाफोड़

सतना (satna) के राजेन्द्र नगर में एक घर पर दबिश दी तो जाली नोट और नोट छापने वाले सब हाथ लग गए.

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सतना.सतना (SATNA) में M.Sc. कम्प्यूटर साइंस पास युवक ने घर में जाली नोट का छापा खाना खोल रखा था. अपनी कम्प्यूटर की जानकारी का इस्तेमाल वो इस गोरखधंधे में कर रहा था. घर से एक प्रिंटर मिला है जिसमें नोट छापे जा रहे थे.शातिर आरोपी ने पूरा गिरोह बना रखा था जो बाज़ार में जाली नोट (fake currency) पहुंचा रहा था. पुलिस ने सरगना सहित तीन आरोपियों को पकड़ लिया है, दो साथी फरार हैं.

सतना पुलिस को लॉक डाउन के दौरान शिकायत मिल रही थी कि बाज़ार में जाली नोट चल रहे हैं. पुलिस शातिरों को पकड़ने के लिए निगरानी रख रही थी. इस बीच आज फिर एक मुखबिर ने सूचना दी कि इसके पीछे एक गिरोह है जो घर में जाली नोट छाप रहा है.इस सूचना पर पुलिस ने सतना के राजेन्द्र नगर में एक घर पर दबिश दी तो जाली नोट और नोट छापने वाले सब हाथ लग गए.गिरोह के तीन सदस्य पुलिस की गिरफ्त में आ गए. इनके पास से प्रिंटर सहित जाली नोट बनाने का सामान और पचास हजार रुपए के जाली नोट बरामद हुए.

100 रुपए के जाली नोट
इस गिरोह का सरगना आशीष श्रीवास्तव है जिसने कम्प्यूटर साइंस में एमएससी कर रखा है. कम्प्यूटर की अपनी नॉलेज का इस्तेमाल वो जाली नोट बनाने में कर रहा था. पुलिस ने आशीष सहित उसके साथी विनोद यादव और रजनीश यादव को गिरफ्तार किया है. जबकि दो अन्य साथी फरार हैं. आशीष और रजनीश सतना के रहने वाले हैं.इनका तीसरा साथी विनोद रीवा का है.ये लोग कोतवाली, सिंहपुर, नागौद सहित कई थाना इलाके में जाली नोट चला रहे थे. गिरोह 100 के नोट के हूबहू जाली नोट छापते थे और ग्रामीण और शहरी इलाके में धड़ल्ले से चला रहे थे.
जेल भेजे गए आरोपी


अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गौतम शोलंकी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 489 क {घ} के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया. वहां से उन्हें से जेल भेज दिया गया.

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