मुख्यमंत्री संबल योजना में 50 फीसदी मजदूर फर्जी, जांच कमेटी गठित
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मुख्यमंत्री संबल योजना में 50 फीसदी मजदूर फर्जी, जांच कमेटी गठित
सतना नगर निगम

सतना में ऑटोमोबाइल फर्म संचालक हो या पेट्रोल पंप मालिक, नेता जी हो या पार्षद. ऐसे लोगों की फेहरिस्त बड़ी लंबी है जो करोड़ों का व्यापार होने के बाद भी बेशर्मी से अपना नाम मजजूरों के फायदे के लिए बनी संबल योजना में पंजीकृत करवा रहे हैं.

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मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना का लाभ पाने के लिए अधिकारियों की मिली भगत से सतना जिले में उद्योगपति, व्यवसायी और राजनेताओं सहित हजारों लोगों ने मजदूर के तौर पर पंजीयन करवा लिया है. जानकारी के अनुसार संबल योजना में इतनी बड़ी संख्या में फर्जीवाड़ा बिलजी बिल में छूट और पिछला बिल का बकाया माफ करवाने के लिए किया जा रहा है.

सतना में इस योजना का लाभ लेने के लिए करोड़पति लोग भी मजदूर बन गए हैं. मामले का खुलासा होते ही नगर निगम कमिश्नर ने पूरी सूची की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम बनाई है और वर्तमान योजना प्रभारी को हटा दिया गया है. सतना में ऑटोमोबाइल फर्म संचालक हो या पेट्रोल पंप मालिक, नेता जी हो या पार्षद. ऐसे लोगों की फेहरिस्त बड़ी लंबी है जो करोड़ों का व्यापार होने के बाद भी बेशर्मी से अपना नाम मजजूरों के फायदे के लिए बनी संबल योजना में पंजीकृत करवा रहे हैं.

इन रसूखदारों का मजदूरी से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है, लेकिन इसके बावजूद भी नगर निगम के अधिकारियों से सांठ गांठ कर ये मजदूर बन बैठे हैं. अगर मामले की जांच की जाती है तो करीब 50 फीसदी फर्जी मजदूर बेनकाब हो जाएंगे, जबकि असली मजदूर इस सूची से गायब है. मामले को तूल पकड़ता देख सतना नगर निगम कमिश्नर ने आनन फानन में वर्तमान सहायक आयुक्त नीलम तिवारी को योजना शाखा के प्रभार से हटा दिया है साथ ही चार सदस्यीद जांच दल का भी गठन कर दिया है.



(सतना से शिवेंद्र की रिपोर्ट)
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