सरकार की ऋणमाफी किसानों के लिए बनी सिरदर्द, बिना कर्ज के कर्जदार बने

कमलनाथ सरकार की किसान कर्ज माफी योजना अब किसानों के लिए आफत का सबब बन गई है. सरकार भी मान चुकी है कि किसान ऋण माफी योजना में जमकर जालसाजी हुई है, ऐसे में सरकार ने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करवाए जाने का आदेश दिया है.

Shivendra Singh Baghel | News18 Madhya Pradesh
Updated: January 30, 2019, 2:56 PM IST
सरकार की ऋणमाफी किसानों के लिए बनी सिरदर्द, बिना कर्ज के कर्जदार बने
कर्जदार हुआ किसान
Shivendra Singh Baghel
Shivendra Singh Baghel | News18 Madhya Pradesh
Updated: January 30, 2019, 2:56 PM IST
मध्यप्रदेश मे सरकार की किसान ऋण माफी योजना ने किसानों के चेहरे पर चमक लाने का काम तो किया है, लेकिन कुछ किसान ऐसे भी है जिनके लिए यह योजना किसी सदमें से कम नहीं है. किसानों ने कर्ज लिया ही नहीं फिर भी कर्जदार है. कुछ किसान ऐसे भी हैं, जो कर्ज जमा कर चुके हैं, लेकिन बावजूद इसके किसान कर्जदार बने हुए हैं. सतना के दो किसान दर-दर भटक रहे हैं, जिन्होंने बैंक का ऋण अभी-अभी चुकाया है और सरकार की कर्जमाफी के चलते वे फिर से बैंक के कर्जदार हो गए है.

पहला मामला मध्यांचल ग्रामीण बैंक सिंहपुर का है, जहां इटमा निवासी दीपेंद्र सिंह ने किसान क्रेडिट कार्ड से चाल लाख 71 हजार रुपये का कर्ज लिया था. कर्ज की वसूली करने पहुंचे बैंक मैनेजर को पूरी राशि भी जमा करवाई और रसीद भी प्राप्त की, लेकिन किसान अभी भी कर्जदार बना हुआ है. बैंककर्मी लगातार दूसरी साल वसूली करने के लिए किसान के घर पहुंच रहे हैं. किसान की माने तो उसकी कर्ज की जमा राशि में किसी ने गफलत की है. कई शिकायतों के बाद भी उसकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है. पीड़ित किसान ने जिला प्रशासन के साथ-साथ पुलिस से भी फरियाद की है.



दीपेंद्र की शिकायत पर जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं. वहीं पुलिस भी इस मामले की जांच-पड़ताल कर रही है. जांच अधिकारियों की माने तो किसान की रसीद और बैंक की रसीद का मिलान किया जाएगा और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

दूसरा मामला खरमसेड़ा सहकारी बैंक का है, जहां किसान राजेंद्र ने बैंक से लिया कर्ज लौटा दी थी, लेकिन राजेंद्र फिर भी कर्जदार ही है. राजेंद्र का नाम तीन गांवों की कर्जदारों की सूची में है, जहां उसने कर्ज लिया ही नहीं. राजेंद्र के साथ-साथ उसकी मां और भाई को भारी भरकम राशि का कर्जदार बना दिया गया, जो कर्ज उन्होंने लिया ही नहीं. किसान राजेंद्र ने इस मामले में जिला प्रशासन को लिखित शिकायत दी है.

कमलनाथ सरकार की किसान कर्ज माफी योजना अब किसानों के लिए आफत का सबब बन गई है. सरकार भी मान चुकी है कि किसान ऋण माफी योजना में जमकर जालसाजी हुई है, ऐसे में सरकार ने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करवाए जाने का आदेश दिया है.

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