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Independence Day 2021: ‘मैं पापा जैसा ही बनना चाहता हूं...’ जानिए पुलवामा हमले के शहीद धीरेंद्र के बेटे ने ये क्यों कहा

Independence Day 2021: ‘मैं पापा जैसा ही बनना चाहता हूं...’ जानिए पुलवामा हमले के शहीद धीरेंद्र के बेटे ने ये क्यों कहा

पुलवामा के शहीद धीरेंद्र त्रिपाठी आज भी लोगों के दिल में जिंदा हैं. सतना जिला इन पर गर्व करता है.  (File)

पुलवामा के शहीद धीरेंद्र त्रिपाठी आज भी लोगों के दिल में जिंदा हैं. सतना जिला इन पर गर्व करता है. (File)

Madhya Pradesh News: सतना के जवान धीरेंद्र त्रिपाठी पुलवामा हमले में शहीद हुए थे. उनके बेटे आज भी पिता की राह देख रहे हैं. 3 साल के बेटे का कहना है कि वे पिता की तरह की सेना में जाना चाहते हैं. वो भी देश की सेवा करना चाहते हैं.

सतना. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh News) के सतना जिले की गलियां आज भी अपनी माटी के लाल शहीद धीरेंद्र त्रिपाठी के लिए पलक-पांवड़े बिछाने के लिए तैयार हैं. लेकिन, अफसोस ऐसा संभव नहीं. यहां शहीद की चर्चा लगातार होती है. धीरेंद्र कहीं गए नहीं नहीं, वो अमर हैं. लोगों का कहना है कि वीर हमारे दिलों में आज भी जीवित है और हमेशा रहेगा. धीरेंद्र त्रिपाठी की शहादत से आज भी एक ओर कई लोगों को सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है, तो कई लोगों की आंखें नम हो जाती हैं. News 18 शहीद धीरेंद्र त्रिपाठी को सलाम करता है.

सतना जिले के पडिया गांव के धीरेंद्र त्रिपाठी की पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर में. साल 2019 में हुए पुलवामा आतंकी हमले में वे शहीद हुए थे. इसके बाद भारतीय सेना ने जवानों की शहादत पर पाकिस्तानी सेना को मुंहतोड़ जवाब दिया था. जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हुए थे. इस हमले को समय जैसे-जैसे धुंधला कर रहा है, वैसे-वैसे धीरेंद्र की यादें और उजली होती जा रही हैं.

खुद को पिता की तरह देखना चाहता है बेटा

शहीद जवान धीरेंद्र त्रिपाठी के बेटे प्रत्यक्ष त्रिपाठी ने News 18 से बात की. 3 साल के प्रत्यक्ष ने कहा- मैं पापा जैसा ही बनना चाहता हूं. इस दौरान मौजूद शहीद की पत्नी साधना त्रिपाठी पति को यादकर रोने लगीं. उन्होंने बताया कि पुलवामा हमले के 1 दिन बाद फोन पर पति की शहादत की खबर मिली. उस वक्त वे बेसुध हो गईं थी. रो-रोकर उनका बुरा हाल था. साधना ने कहा- लेकिन, आज मुझे गर्व है कि धीरेंद्र मेरे पति थे. देश से बढ़कर कोई नहीं होता. धीरेंद्र हमेशा दिलों में जिंदा रहंगे.

ये है देवास के शहीद संदीप की कहानी 

‘देश की सेवा करूंगा और मरते दम तक करता रहूंगा. ये मेरे देश की मिट्टी है, इसी में ही मिल जाऊंगा…’ शहीद संदीप यादव के ये शब्द आज भी देवास के कुलाला गांव में गूंज रहे हैं. गांव आज भी अपने कलेजे के टुकड़े को भूला नहीं है. शहीद का परिवार और पूरा गांव मानता है कि संदीप आज भी जिंदा है और हमारे दिलों में समाया हुआ है. News 18 शहीद संदीप को सलाम करता है. गौरतलब है कि, साल 2019 में अमरनाथ यात्रा चल रही थी. 12 जून को संदीप कश्मीर के अनंतनाग में अलसुबह तैनात था. इतने में वहां आतंकी हमला हुआ और संदीप यादव सहित 5 जवान शहीद हो गए. इन जवानों के शव को अगले दिन पैतृक गांव लाया गया. संदीप का शव भी तिरंगे में लिपटा हुआ देवास से करीबन 30 किलोमीटर दूर ग्राम कुलाला लाया गया.

Tags: 75th Independence Day, Mp news

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