सतना : पुलिस हिरासत में आरोपी की मौत पर बवाल, थाना प्रभारी सस्पेंड, SP रियाज इकबाल हटाए गए

घटना की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं.
घटना की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

सतना में पुलिस हिरासत में मौत (police custody) की खबर से गुस्साए ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर किया पथराव. जवाब में पुलिस फायरिंग (Firing) से और बढ़ा तनाव. आधा दर्जन पुलिस वाले और दो दर्जन ग्रामीण घायल. थाना प्रभारी और आरक्षक सस्पेंड. मामले की होगी न्यायिक जांच.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 29, 2020, 1:17 PM IST
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सतना. मध्य प्रदेश के सतना (Satna) जिले के सिंहपुर इलाके में पुलिस हिरासत (Police Custody) में एक आरोपी की मौत के मामले में वहां के एसपी रियाज इकबाल को हटा दिया गया है. इस मामले में थाना प्रभारी और एक आरक्षक को पहले ही निलंबित किया जा चुका है. हिरासत में आरोपी की मौत के बाद सिंहपुर में बवाल कटा रहा. आरोपी की मौत थाना प्रभारी की सर्विल रिवॉल्वर की गोली लगने से हुई. पुलिस कह रही है कि आरोपी ने सर्विस रिवॉल्वर छीन कर खुद को गोली मार ली. लेकिन गांव वालों का कहना है कि उसकी हत्या की गई.

ये है मामला
नारायण पुर गांव के सरपंच के घर से तीन महीने पहले सोने चांदी के जेवर औऱ रायफल चोरी हो गए थे. सरपंच की शिकायत पर पुलिस ने रामहित को हिरासत में लिया और उसके कुछ घंटे बाद ही उसे घायल हालत में सतना लेकर आई. गंभीर हालत को देखते हुए रामहित को रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई. मौत की वजह पिस्टल से गोली लगना बताया गया वो थाना प्रभारी विक्रम पाठक की है.

मृतक रामहित कुशवाह

गांव वालों का गुस्सा फूटा


रामहित की मौत की खबर गांव पहुंचते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और भीड़ ने थाने का घेराव कर दिया. पुलिस और भीड़ के बीच झड़प शुरू हो गई. मामला इतना बिगड़ा कि आक्रोशित ग्रामीणों ने पत्थरबाज़ी शुरू कर दी. जवाब में पुलिस ने 50 राउंड से ज्यादा आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया. करीब 8 घंटे तक बवाल कटता रहा. घंटों चले बवाल में दर्जनभर पुलिस कर्मी और दो दर्जन से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हो गए.

थाना प्रभारी विक्रम पाठक


नेता हुए लामबंद
इधर, खबर फैलते-फैलते मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया. कांग्रेस इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साध रही थी और उसकी मांग थी कि थाना प्रभारी पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए. भाजपा भी टीआई को दोषी मान रही है. हिरासत में मौत और बवाल कटने के बाद पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी सहित एक आरक्षक को निलंबित कर दिया. लेकिन पुलिस का कहना है कि रामहित ने खुदखुशी की है. बाद में कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाह, पूर्व कांग्रेस विधायक यादवेन्द्र सिंह, भाजपा विधायक जुगुल किशोर बागरी, पूर्व विधायक ऊषा चौधरी, सांसद गणेश सिंह भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी भी ग्रामीणों के साथ खड़े नजर आए और थाना प्रभारी पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की.

न्यायिक जांच का आदेश
सत्तापक्ष और विपक्ष ने एक सुर में घटना की निंदा की. मा्मला बढ़ता देख घटना की न्यायिक जांच का आदेश दे दिया गया. थाना प्रभारी और आरक्षक का मेडिकल चेकप कराया गया. साथ ही थाना प्रभारी की सर्विस रिवाल्वर जब्त कर ली गयी. थाने का सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित किया गया.पुलिस का कहना है रामपति ने थाना प्रभारी से सर्विस रिवल्वर छीन कर खुद गोली मारी है. गोली कनपटी में लगी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी.

भारी पुलिस बल तैनात
गांव में तनाव को देखते हुए सिंहपुर थाने में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. जबलपुर एसटीएफ के तीन दर्जन जवानों ने थाना परिसर को अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया है. रामहित के शव का रीवा मेडिकल कॉलेज में पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार को सौंपा जाएगा.
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