मंत्री-सांसद के सामने अस्पताल की कर्मचारी के बैग से निकले सरकारी सप्लाई के रेमडेसिविर इंजेक्शन, देखें Video

सतना-फिलहाल इस मामले में किसी के खिलाफ पुलिस में शिकायत नहीं की गयी है.

सतना-फिलहाल इस मामले में किसी के खिलाफ पुलिस में शिकायत नहीं की गयी है.

महिला के काले बैग को पुलिस ने जब्त किया और बैठक में एसडीएम सुरेश अग्रवाल ने बैग खोला. उसमें तीन इंजेक्शन मिले जो सरकारी सप्लाई के थे.

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सतना. सतना में कोरोना मरीज़ों के जीवन रक्षक रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remdesivir injection) की चोरी हो रही थी. उससे भी ज़्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि कोविड जिला प्रभारी मंत्री रामखेलावन पटेल और सांसद गणेश सिंह के सामने ये चोरी पकड़ी गयी. अस्पताल की एक महिला कर्मचारी के बैग से रेमडेसिविर के तीन इंजेक्शन निकले. ये इंजेक्शन मरीज़ों के नाम पर इश्यु किये गए थे लेकिन मरीज़ों को न लगाकर बैग में रख लिए गए थे.

भोपाल, जबलपुर और प्रदेश के और दूसरे शहरों में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाज़ारी के बाद ऐसा ही कुछ मामला सतना में पकड़ा गया. इसकी पोल विधायक और सांसद के सामने खुली. सरकारी सप्लाई का इंजेक्शन खुले बाजार में ब्लैक में बिक रहा है.इंजेक्शन की बोली लग रही. सरकारी सप्लाई का इंजेक्शन 13 हजार में बिक रहा है. माननीयों के सामने पूरा सच सामने आया लेकिन अभी तक FIR तक दर्ज नहीं करायी गयी है.

मैहर सिविल अस्पताल में चोरी

सतना में भी सरकारी महकमे की मिली भगत से रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी का मामला सामने आया. हालांकि दोषियों को बचाने स्वास्थ विभाग मामले पर पर्दा डाल रहा है. मामला मैहर सिविल अस्पताल में पकड़ा गया. जिले के कोविड प्रभारी मंत्री रामखेलावन पटेल और सांसद गणेश सिंह के सामने ये चोरी पकड़ में आयी. अस्पताल में तीन मरीजों के नाम पर मंगलवार को इंजेक्शन जारी हुए थे. लेकिन ये मरीज़ को नहीं लगाए गए. इसी दौरान विधायक और सांसद अस्पताल के निरीक्षण पर पहुंच गए.
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बैग ने उगले इंजेक्शन

निरीक्षण के दौरान मंत्री रामखेलावन पटेल और सांसद गणेश सिंह से इस बात की शिकायत की गयी तो शक की सुई स्टाफ की एक महिला कर्मचारी पर गयी. महिला के काले बैग को पुलिस ने जब्त किया और बैठक में एसडीएम सुरेश अग्रवाल ने बैग खोला. उसमें तीन इंजेक्शन मिले जो सरकारी सप्लाई के थे. पुलिस ने इंजेक्शन ज़ब्त कर लिए हैं. इस मामले में अस्पताल के एक डॉक्टर, कोविड अस्थाई स्टाफ और एक महिला स्टाफ की भूमिका संदिग्ध है. इन पर कालाबाजारी करने के आरोप लग रहे हैं. हालांकि अभी इस मामले में कोई FIR के निर्देश न माननीयों ने दिए और न ही संबंधित विभाग ने. इस मामले में अभी तक न मंत्री मीडिया से बात करने के लिए तैयार हुए न ही जिला प्रशासन.
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