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कर्ज के चक्कर में खत्म हो गया किसान का परिवार, 2 गुना पटाने पर भी बैंक ने भेजा 2.50 लाख का नोटिस

Shivendra Singh Baghel | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 18, 2019, 1:19 PM IST
कर्ज के चक्कर में खत्म हो गया किसान का परिवार, 2 गुना पटाने पर भी बैंक ने भेजा 2.50 लाख का नोटिस
कृषि के लिए कर्ज के चक्कर में बर्बाद हो गया सतना के इस किसान का परिवार

सतना (Satna) के किसान (Farmer) ने इलाहाबाद बैंक (Allahabad Bank) से ट्रैक्टर के लिए कर्ज (Loan) लिया, दो गुना चुकाने पर भी 2.5 लाख का नोटिस आ चुका है. किसान और उनके बेटे की मौत हो चुकी है, बहू कैंसर (Cancer) का इलाज नहीं करा पा रही है और तीसरी पीढ़ी मज़दूरी कर रही है

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सतना के एक किसान ने 13 वर्ष पूर्व ट्रैक्टर (tractor) के लिए इलाहाबाद बैंक से कर्ज (Loan) लिया. ट्रैक्टर का लोन भरते भरते किसान के परिवार की दो पीढियां खप गईं, इसके बावजूद कर्ज अब भी बचा हुआ है. 3 लाख 85 हजार का कर्ज चुकाने के लिए किसान और उनका परिवार 10 लाख से ज्यादा की राशि का भुगतान कर चुका है, इसके बावजूद कर्ज बढ़ता ही जा रहा है. अब फिर 2 लाख 50 हजार की वसूली के लिए बैंक ने नोटिस जारी किया है. पीड़ित किसान का परिवार परेशान है, घर में खाने के लाले हैं, इतना कर्ज  कैसे चुकाएं. क्या सरकार इस किसान परिवार की मदद के लिए सामने आएगी?

इलाहाबाद बैंक से ट्रैक्टर के लिये कर्ज लिया था
सतना जिले के छिबौरा निवासी रामचरण पटेल ने 2006 में इलाहाबाद बैंक की चोरमारी शाखा से 3 लाख 85 हजार का कर्ज लिया, 12 वर्षो में 10 लाख 5 हजार 520 रुपये बैंक में जमा कर दिए मगर लोन खत्म नहीं हुआ. किसान रामचरण और उनका पुत्र लाइलाज बीमारी के शिकार हुए और साल 2018 में दोनों की दवा के अभाव में मौत हो गई. परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गया, मगर कर्ज बढ़कर ढाई लाख तक पहुंच चुका है. बैंक ने कर्ज वसूली के लिए फिर से नोटिस जारी किया है, ऐसे में किसान का परिवार परेशान है. खाने को दाना नहीं, रहने को घर नहीं, ऐसे में ढाई लाख का कर्ज कैसे चुकाएं? हालात ये हैं कि किसान की बहू कैंसर का इलाज नहीं करा पा रही, बच्चे पढ़ाई छोड़कर मजदूरी करने लगे.

News - ट्रैक्टर के लिए कर्ज लेने वाले किसान की तीसरी पीढ़ी पढ़ाई छोड़कर मज़दूरी कर रही है
ट्रैक्टर के लिए कर्ज लेने वाले किसान की तीसरी पीढ़ी पढ़ाई छोड़कर मज़दूरी कर रही है


टूट चुका है किसान का परिवार
किसान का परिवार टूट चुका है. किसान रामचरण शिक्षक पद से रिटायर्ड हुए थे, किसान की मौत को एक बरस से ज्यादा का समय बीत चुका है. इसके बावजूद आज तक उनकी विधवा पत्नी की पेंशन तक स्वीकृत नहीं हुई है. ऐसे में इस किसान की तीसरी पीढ़ी इस कर्ज को लेकर परेशान है. किसान ने मौत के 2 दिन पहले एक मार्मिक पत्र बैंक प्रबंधक को लिखकर उनसे कर्ज माफ करने की अपील की थी, मगर कर्ज बढ़ता ही जा रहा है. बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक का कहना है कि यदि किसान की माली हालात ठीक नहीं है तो बैंक लोन के ब्याज में छूट दे सकता है.

News - किसान रामचरण पटेल ने मृत्यु से पहले बैंक को कर्ज माफ करने के लिए चिट्ठी भी लिखी थी
किसान रामचरण पटेल ने मृत्यु से पहले बैंक को कर्ज माफ करने के लिए चिट्ठी भी लिखी थी

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कमलनाथ सरकार ने किसानों का कर्ज तो माफ कर दिया मगर कृषि मशीनरी हेतु लिए गए लिए कर्ज को जय किसान ऋण माफी योजना में शामिल नहीं किया गया है. ऐसे में किसान परिवार सिर्फ इस उम्मीद सिर्फ इस बात को लेकर है कि शायद कोई ऐसा नियम हो जो मूलधन से 2 गुना कर्ज की राशि देने पर कर्ज से निजात दिलाने में कारगर हो सके.

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First published: September 18, 2019, 1:16 PM IST
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