सतना हत्याकांड : दुनिया में साथ आए थे और एक ही अर्थी पर विदा हो गए श्रेयांस-प्रियांश

शाम होते होते मासूमों का शव चित्रकूट पहुंचा. श्रेयांस और प्रियांश की एक ही अर्थी में शव यात्रा निकाल कर एक ही चिता में दाहसंस्कार कर दिया गया.

Shivendra Singh Baghel | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 25, 2019, 1:13 PM IST
सतना हत्याकांड : दुनिया में साथ आए थे और एक ही अर्थी पर विदा हो गए श्रेयांस-प्रियांश
सतना हत्याकांड
Shivendra Singh Baghel
Shivendra Singh Baghel | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 25, 2019, 1:13 PM IST
चित्रकूट में तेल कारोबारी के जुड़वा बच्चों की हत्या से पूरा शहर गमगीन और सदमे में है. दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार कर दिया गया. उनकी अंतिम यात्रा में पूरा शहर उमड़ पड़ा. हर आंख में आंसू थे और ज़ुबान पर आरोपियों के ख़िलाफ गु्स्सा था.

प्रियांश और श्रेयांस की जब अर्थी निकली तो हर आंख से आंसू बहने लगे. दोनों बच्चों को एक ही अर्थी पर ले जाया गया. जिसने भी देखा मुंह से यही निकला, कि एक साथ इन दुनिया में आए थे और एक साथ ही विदा हो गए. दोनों मासूमों के शवों को एक ही चिता पर रखकर मुखग्नि दी गई.



प्रियांश और श्रेयांस रावत का 12 फरवरी को स्कूल बस से उतार कर अपहरण कर लिया गया था. फिरौती के लिए 1 करोड़ रुपए मांगे गए थे. फिरौती के 20 लाख रुपए लेने के बाद भी आरोपियों ने बच्चों को इसलिए मार दिया कि छोड़ने पर वो उन्हें पहचान लेंगे.

इस ह्रदय विदारक घटना के बाद धार्मिक नगरी चित्रकूट जल उठी.जमकर प्रदर्शन और तोड़फोड़ हुई. हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठिया भांजी. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बच्चों के परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे, और इस वारदात की सीबीआई जांच की मांग की. बीजेपी ने आज सतना बंद बुलाया. जनता ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया. मौन प्रदर्शन में शिवराज सिंह चौहान भी शामिल हुए

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12 फरवरी को ब्रजेश रावत तेल कारोबारी के दोनों बच्चों को दिनदहाड़े स्कूल बस से बाइक सवार बदमाशों ने तमंचे की नोंक पर अपहरण कर लिया था. उसके बाद मध्यप्रदेश और यूपी पुलिस यूपी एम पीएस टीएफ  सहित 500 पुलिस कर्मी अपहरण कर्ताओं का पता लगाने में जुटे थे.  13 दिन बाद पुलिस की तलाश पूरी हुई मगर तब तक अपहरण कर्ता बच्चों की हत्या कर चुके थे. अपहरण कर्ताओ ने 20 लाख की फिरौती वसूलने के बाद भी बच्चों की हत्या लाश बंदा जिले में यमुना नदी में फेंक दी थीं.

ये भी पढ़ें - MP पुलिस नहीं करती ये 5 बड़ी लापरवाहियां, तो बच सकती थी मासूमों की जानयूपी पुलिस ने लाश बरामद कर परिवार को सौंप दी लेकिन लोगों का आक्रोश सड़क पर आ गया. हजारों लोगों ने चित्रकूट में  उग्र प्रदर्शन किया.सतगुरु सेवा ट्रस्ट प्रवंधन पर आरोप लगाकर तोड़फोड़ की गई.

शाम होते होते मासूमों का शव चित्रकूट पहुंचा. श्रेयांस और प्रियांश की एक ही अर्थी में शव यात्रा निकाल कर एक ही चिता में दाहसंस्कार कर दिया गया.

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