शिक्षा विभाग की लापरवाही से दो लाख 57 हजार छात्रों की छात्रवृति अटकी

मध्यप्रदेश में शिक्षण सत्र खत्म होने को है, लेकिन सतना में दो लाख 57 हजार छात्र-छात्राएं शिक्षा विभाग के लापरवाही का दंश झेल रहे हैं. शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते पात्र छात्र-छात्राएं छात्रवृति के लिए भटक रहे हैं.

Shivendra Singh Baghel | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 20, 2019, 4:02 PM IST
शिक्षा विभाग की लापरवाही से दो लाख 57 हजार छात्रों की छात्रवृति अटकी
सांकेतिक तस्वीर
Shivendra Singh Baghel
Shivendra Singh Baghel | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 20, 2019, 4:02 PM IST
मध्यप्रदेश सरकार की योजनाओं पर किस तरह लालफीताशाही हावी है, इसका उदाहरण सतना में देखने को मिल रहा है. यहां साल 2018-19 में जिले के एक भी छात्र-छात्रा को छात्रवृति नहीं मिली है. दो लाख 57 हजार छात्र-छात्राएं शिक्षा विभाग के लापरवाही का दंश झेल रहे हैं. स्कूलों में शिक्षण सत्र खत्म होने को है और पात्र छात्र-छात्राएं छात्रवृति के लिए भटक रहे हैं.

सरकार ने एक साथ 30 तरह की छात्रवृति एक क्लिक में छात्रों के खाते में पहुंचाने के प्रावधान किया हुआ है, लेकिन सतना में नाकारा प्रशासनिक व्यवस्था ने सरकार की मंशा पर पानी फेर दिया. सत्र समाप्ति की ओर है, मगर जिले में एक भी छात्र को अब तक छात्रवृति नहीं मिली. प्रदेश सरकार की ओर से लगभग 20 करोड़ की राशि भी शासन से स्वीकृत है, लेकिन शिक्षा विभाग की कुंभकर्णी नींद टूट ही नहीं रही है.

शिक्षा विभाग ने पात्र छात्रों का चयन कर लिया, लेकिन छात्रवृति की राशि अभी तक बच्चों के खातों में नहीं पहुंची. परीक्षाएं भी जल्द शुरू होने वाली है, ऐसे में छात्र-छात्राएं परेशान है. हालांकि जिला शिक्षा अधिकारी बीएस देवलहरा ने बताया कि पात्र हितग्राहियों की सूची सिस्टम में तेजी से फीड की जा रही है, जल्द ही उनके खालों में राशि भेज दी जाएगी.

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सरकार ने छात्रवृति वितरण में हो रही देरी को ध्यान में रखकर समग्र समेकित छात्रवृति के वितरण की व्यवस्था की गई है. इसमें तीस तरह के छात्रवृति को समाहित किया गया है. ऐसे में सवाल बड़ा है कि जब मैनुअल छात्रवृति देने का प्रावधान था, उस समय सत्र के बीच में ही छात्रवृति मिल जाती थी. अब खाते में राशि ट्रांसफर करनें में कितना समय लगता है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा.

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