• Home
  • »
  • News
  • »
  • madhya-pradesh
  • »
  • यूरिया की किल्लत से किसान परेशान, ब्लैक में खाद खरीदने पर मजबूर

यूरिया की किल्लत से किसान परेशान, ब्लैक में खाद खरीदने पर मजबूर

यूरिया में खाद के लिए कतार में लगे किसान

यूरिया में खाद के लिए कतार में लगे किसान

मार्कफेड का 33 करोड़ का बिल बकाया है, लेकिन कमजोर वित्तीय स्थिति के चलते सहकारी समिति यह भुगतान करने में सक्षम नहीं है. ऐसे में 45 समितियों को उधार में खाद नहीं दी जा रही. किसान या तो ब्लैक में खाद खरीद रहा है या फिर अन्य सोसायटियों में दो बोरी खाद के लिए लंबी कतार लगाए खड़ा है.

  • Share this:
मध्य प्रदेश के सतना में एक बार फिर किसानों के सामने यूरिया खाद की समस्या आ खड़ी हुई है. फसल की सिंचाई के बाद किसानों को खाद की आवश्यकता होती है, लेकिन सतना में किसान खाद की किल्लत से जूझ रहे हैं. कहने को को सतना में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन सहकारी समिति और मार्कफेड के वित्तिय घालमेल के चलते जिले के किसान के आगे खाद संकट खड़ा हो गया है. मार्कफेड कंपनी ने सहकारी समितियों द्वारा पिछला भुगतान नहीं करने पर क्रेडिट पर खाद नहीं दे रही है, जिसके चलते खाद का पर्याप्त भंडारण नहीं होने के बावजूद खाद के लिए किसान संघर्ष कर रहा है.

सतना जिले के किसानों का हाल कुछ ऐसा है कि ’करे कोई और भरे कोई’. किसानों को सहकारी समितियों की मनमानी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. सहकारी समिति द्वारा खाद का भुगतान न होने के चलते अब मार्कफेड ने समितियों को खाद देना बंद कर दिया है. नतीजा किसानों को कालाबजारी कर खाद खरीदना पड़ रहा है. मार्कफेड का 33 करोड़ का बिल बकाया है, लेकिन कमजोर वित्तीय स्थिति के चलते सहकारी समिति यह भुगतान करने में सक्षम नहीं है. ऐसे में 45 समितियों को उधार में खाद नहीं दी जा रही. किसान या तो ब्लैक में खाद खरीद रहा है या फिर अन्य सोसायटियों में दो बोरी खाद के लिए लंबी कतार लगाए खड़ा है.

सतना के किसान खाद के लिए सहकारी समितियों पर ही निर्भर है, लेकिन सहकारी समिति और मार्कफेड के लेन-देन में खाद का वितरण न के बराबर है. सतना कलेक्टर सतेंद्र सिंह की माने तो जिले के किसानों के लिए खाद का पर्याप्त भंडारण है. ऐसे में किसानों के खाद की कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि किसानों को धैर्य से काम लेना होगा. जिले में लक्ष्य से ज्यादा खाद किसानों को दिया जा चुका है और वर्तमान में खाद का पर्याप्त भंडारण भी प्रशासन के पास मौजूद है. किसानों को गेहूं सहित अन्य फसलों के लिए खाद की आवश्यकता है, लेकिन एक आधार कार्ड से दो बोरी खाद मिलने से किसानों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है.

यह भी पढ़ें-  खाद लेने के आए किसानों पर पुलिस ने बरसायीं लाठियां, CM ने DGP को दिया जांच का आदेश

यह भी पढ़ें-  यूरिया के बाद एमपी में अब बिजली संकट, पावर प्लांट्स में कोयले की कमी!

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी WhatsApp अपडेट्स

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज