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मध्य प्रदेश के घाटों को रेत माफिया से बचाने पहुंचने लगी कंप्यूटर बाबा के संतों की टोलियां

Pradeep Singh Chouhan | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 23, 2019, 8:24 PM IST
मध्य प्रदेश के घाटों को रेत माफिया से बचाने पहुंचने लगी कंप्यूटर बाबा के संतों की टोलियां
कंप्यूटर बाबा ने नर्मदा के घाटों का जायज़ा लिया

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित कंप्यूटर बाबा (Computer Baba) ने रेत माफिया (Sand Mafia) के विरुद्ध ताल ठोकते हुए अपनी सियासत (Politics) शुरू की है. कंप्यूटर बाबा के आमंत्रण पर बाबाओं की टोलियां सड़कों पर दिखने लगी हैं. कंप्यूटर बाबा ने अपनी इस कवायद से रेत की सियासत के असरदार लोगों पर दबाव बनाने की रणनीति शुरू कर दी है.

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सीहोर. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की सियासत में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन (Illegal sand mining and transportation) सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरने वाला मुद्दा रहा है. प्रदेश में सरकार के बदलने के बाद ये माना जा रहा था कि सत्तारुढ़ कांग्रेस सरकार रेत माफिया पर शिकंजा कस सकेगी लेकिन रेत के अवैध परिवहन की खबरें अब भी सुर्खियों में हैं. ऐसे में सीएम कमलनाथ (Cm Kamalnath) द्वारा नर्मदा न्यास (Narmada Nyas) के अध्यक्ष बनाए गए कंप्यूटर बाबा ने रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन रोकने का बीड़ा उठाया है.

रेत अभियान के लिए संतों का जमावड़ा
कंप्यूटर बाबा शनिवार को हरदा के रास्ते से सीहोर के नसरुल्लागंज पहुंचे. यहां उन्होंने गोपालपुर के नर्मदा घाटों का अवलोकन किया. इसके बाद बाबा सलकनपुर स्थित बिजासन देवी के मंदिर पहुंचे, यहां उनके निमंत्रण पर आये उनके समर्थक साधू संतों का जमावड़ा शुरू हो चुका है. अपने इस रेत अभियान के लिए सीएम कमलनाथ के वचन पत्र का हवाला देते हुए कंप्यूटर बाबा ने मीडिया से बात की. रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन के लिए उन्होंने बीजेपी की पूर्ववर्ती शिवराज सिंह चौहान की सरकार को ही जिम्मेदार बताया. बाबा ने कहा कि पहले चरण में अम्बा, डिमावर और बडगांव के नर्मदा घाट पर तम्बू गाड़कर उनके समर्थक बाबाओं की जमात रेत के घाटों की निगरानी करेगी.

News - नर्मदा के घाटों की निगरानी के लिए कंप्यूटर बाबा के समर्थक संत पहुंचने लगे हैं
नर्मदा के घाटों की निगरानी के लिए कंप्यूटर बाबा के समर्थक संत पहुंचने लगे हैं


बसों की छत पर बैठकर पहुंचे बाबा के चेले 
कंप्यूटर बाबा के साथ आए बाबाओं ने चयनित स्थानों पर जाने के लिए परिवहन का जमकर मखौल उड़ाया. बसों की छतों पर बैठकर बाबाओं की टोलियां इन इलाको में पहुंचने लगी है. रेत का अवैध परिवहन रोकने का ज़िम्मा तो बाबाओं ने उठा ही लिया है, इसलिए हो सकता है कि अगली बार जब आप प्रदेश के किसी घाट से गुज़रें तो वहां बाबाओं की टोलियां आपको धूनी रमाते हुए मिल जाए.

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First published: November 23, 2019, 8:21 PM IST
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