MP: विश्व का एक मात्र स्फटिक शिवलिंग, दर्शन मात्र से पूरी होती है मनोकामना

सिवनी के दिघोरी धाम में जगत गुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद का जन्म हुआ था. स्वयं जगत गुरु शंकराचार्य स्वरूपानन्द ने इस मंदिर की स्थापना करवाई है.

Azhar Khan | News18 Madhya Pradesh
Updated: March 4, 2019, 11:30 AM IST
Azhar Khan | News18 Madhya Pradesh
Updated: March 4, 2019, 11:30 AM IST
मध्य प्रदेश के सिवनी में महाशिवरात्रि के पर्व पर दिघोरी धाम मन्दिर में भगवान भोले नाथ के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है. शिवरात्रि की विशेष पूजा अर्चना के लिए सुबह से भगवान शिव के भक्तों के मन्दिर के द्वार खोले गए हैं. श्रद्धालु शिवलिंग का अभिषेक कर रहे हैं. इस मंदिर की विशेषताओं के बारे में बात करें तो सिवनी के दिघोरी धाम में जगत गुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद का जन्म हुआ था. स्वयं जगत गुरु शंकराचार्य स्वरूपानन्द ने इस मंदिर की स्थापना करवाई है.

इस मंदिर में विश्व के सबसे बड़े स्पठिक शिवलिंग की स्थापना की गई है. पूरे विश्व मे इस तरह का शिवलिंग और कहीं नहीं है. इसलिए भगवान भोले नाथ के भक्तों के लिये इस मंदिर का अलग ही महत्व है. यही कारण है कि देश और दुनिया से श्रद्धालु इस शिवलिंग के दर्शन के लिए आते हैं.



वहीं स्थानीय श्रद्धालु महाशिव रात्रि पर भगवान शिव को त्रिशूल चढ़ा कर अपनी आस्था को प्रकट करते हैं. यह शिलशिला कई वर्षों से चला आ रहा है. लोगों की गहरी और अटूट आस्था इस प्राचीन मंदिर से जुड़ी हुई है.

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