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My Name is Khan... मैं करता हूं एक अंधी गाय की सेवा

फैयाज खान और उनका परिवार बच्चे की तरह गाय की देखभाल करते हैं.
फैयाज खान और उनका परिवार बच्चे की तरह गाय की देखभाल करते हैं.

फैयाज और उनका परिवार इंसान की तरह नेत्रहीन गाय का नियमित रूप से चेकअप कराते हैं. साथ ही डॉक्टर की सलाह के मुताबिक उसे डाइट दी जाती है.

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देश भर में गौरक्षा के नाम पर मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं के बीच मध्य प्रदेश के सिवनी की ये ख़बर राहत देने वाली है. यहां एक मुस्लिम परिवार वर्षों से पीढ़ी-दर-पीढ़ी गौसेवा कर रहा है. फिलहाल यह परिवार एक नेत्रहीन गाय की देखभाल में जुटा है. गायों की सेवा की वजह से पूरे इलाके में इस परिवार की चर्चा है.

मां की विरासत
फैयाज़ खान की सिवनी के ज्यारत नाका पर चाय की एक छोटी गुमटी है, लेकिन फैयाज़ और उनके परिवार की सिर्फ ये पहचान नहीं है. वो और उनका परिवार गौसेवा के लिए भी जाना जाता है. गाय के लिए सेवाभाव उनकी मां ने विरासत में दिया है.


दरअसल गौसेवा का ये सिलसिला 10 साल पहले शुरू हुआ था, जब उन्हें उनकी मां ने एक बूढ़ी गाय देखभाल के लिए सौंपी थी. तब से आज तक, गौसेवा का सिलसिला लगातार जारी है. फैयाज की बूढ़ी गाय ने एक अंधी बछिया को जन्‍म दिया था. परिवार ने उस बछिया को भी अपनाया और उसे बच्चे की तरह पाल-पोसकर बड़ा किया.



खान परिवार की नूरी
परिवार की बेटियों ने इस नेत्रहीन गाय का नाम नूरी रखा है. उसकी घर में वैसी ही अहमियत है जैसी परिवार के किसी अन्य सदस्य की. अंधी गाय भटक कर कहीं और न चली जाए, परिवार द्वारा इस बात का पूरा ध्यान रखा जाता है.



फैयाज कहते हैं कि गाय से उनका अहसासों का रिश्ता है. इसलिए वो इसका पूरा ख्याल रखते हैं. इंसान की तरह इस नेत्रहीन गाय का भी नियमित रूप से चेकअप कराया जाता है. डॉक्टर की सलाह के मुताबिक उसे डाइट दी जाती है.

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