PM आवास योजना का लाभ तो मिला नहीं, बने बनाए घरौंदे भी टूट गए

सिवनी जिला पंचायत अंतर्गत सभी 8 ब्लॉकों के विभिन्न ग्राम पंचायतों में टारगेट पूरा करने की जल्दबाजी में करीब 283 हितग्राहियों के आशियाने उजाड़ दिए गए.

Azhar Khan | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 27, 2019, 11:40 AM IST
PM आवास योजना का लाभ तो मिला नहीं, बने बनाए घरौंदे भी टूट गए
PM आवास योजना का लाभ तो मिला नहीं, बने बनाए घरौंदे भी टूट गए
Azhar Khan | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 27, 2019, 11:40 AM IST
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में पीएम आवास योजना के अंतर्गत जिला प्रशासन की हैरान कर देने वाली लापरवाही सामने आई है. सिवनी जिला पंचायत अंतर्गत सभी 8 ब्लॉकों के विभिन्न ग्राम पंचायतों में टारगेट पूरा करने की जल्दबाजी में करीब 283 हितग्राहियों के आशियाने उजाड़ दिए गए.

गरीबों के खाते में अब तक नहीं पहुंची राशि की पहली किस्त

पीएम आवास योजना-pm awas yojna
गरीबों के खाते में अब तक नहीं पहुंची राशि की पहली किस्त


बता दें कि ग्राम पंचायत ने पीएम आवास योजना का लाभ दिलाने से पहले ही मकान का ले आउट देने के नाम पर उनके आशियाने को तोड़ दिया. वहीं गरीबों के खाते में आवास के लिए अब तक राशि की पहली किस्त तक नहीं पहुंची है. इसी कारण गरीबों के मकानों की नीव नहीं रखी जा सकी है.

कहा गया- " कच्चे मकान नहीं तोड़े, तो राशि खाते में नहीं आएगी"

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कहा गया- " कच्चे मकान नहीं तोड़े, तो राशि खाते में नहीं आएगी"


मामले में पीड़ित हितग्राहियों का कहना है कि संबंधित ग्राम पंचायत और अधिकारियों द्वारा कहा गया था कि उनका नाम हितग्राहियों की लिस्ट में आ गया है. अगर उन्होंने अपने कच्चे मकान नहीं तोड़े तो राशि उनके खाते में नहीं आएगी बल्कि राशि लेप्स हो जाएगी. हितग्राहियों ने ग्राम पंचायत की बात मानकर अपने कच्चे मकान खुद तोड़ लिए. जबकि पीएम आवास बनाने के लिए ऐसा कोई नियम नहीं है.
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पीएम आवास योजना-pm awas yojna
हितग्राहियों ने ग्राम पंचायत की बात मानकर अपने कच्चे मकान खुद तोड़ लिए


हितग्राहियों द्वारा द्वारा तोड़े गए मकान को करीब 2 महीने से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन हितग्राहियों के खाते में अभी तक राशि की पहली किस्त जमा नहीं हो पाई है. बाद में पता चला कि वर्तमान टारगेट सूची में हितग्राहियों का नाम शामिल ही नहीं है. हितग्राहियों का यह भी कहना है कि उनके द्वारा मकान तोड़े जाने के बाद बारिश के मौसम में पन्नी की छत के नीचे रहने को मजबूर हैं. वहीं कुछ हितग्राहियों ने तो किराए के मकान में रहना शुरू कर दिया है, कुछ मवेशियों के बांधने वाली जगह पर अपनी गृहस्ती जमाए हुए हैं.

कलेक्टर का आश्वासन

इधर, इस मामले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन भी सकते में है. ग्राम पंचायतों की इस लापरवाही को लेकर सिवनी कलेक्टर प्रवीण सिंह का कहना है कि पुराने टारगेट की सूची में सभी हितग्राहियों का नाम छूट गया था. वरिष्ठ अधिकारियों से बात कर सभी हितग्राहियों के नाम को नई टारगेट सूची में जुड़वा दिए गए हैं. जल्द ही राशि हितग्राहियों के खाते में पहुंच जाएगी.

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First published: July 27, 2019, 11:40 AM IST
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