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सिवनी: कलेक्टर की अनोखी पहल, इस योजना से ज़िला अस्पताल को बनाया हाईटैक

सिवनी ज़िला अस्पताल को निजी अस्पतालों जैसा सर्वसुविधायुक्त बनाया गया है
सिवनी ज़िला अस्पताल को निजी अस्पतालों जैसा सर्वसुविधायुक्त बनाया गया है

सिवनी कलेक्टर (Seoni Collector) ने 'मैं भी अस्पताल मित्र' योजना शुरू की, इससे 2 करोड़ रूपये इकट्ठा कर उन्होंने ज़िला अस्पताल (District Hospital) का कायाकल्प ही कर दिया. अब ज़िला अस्पताल में कई आधुनिक सुविधाएं हैं, जिनके लिए मरीज़ों को पहले बड़े शहरों में जाना पड़ता था

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सिवनी कलेक्टर (Seoni Collector) प्रवीण सिंह अड़ायच ने सरकारी जिला अस्पताल (District Hospital) की तस्वीर को बदलने के लिए एक नई योजना की शुरूआत की है. उन्होंने बीमार जिला अस्पताल को बदलने के लिए 'मैं भी अस्पताल मित्र' योजना की शुरुआत की. इस योजना के सुचारू होते ही अस्पताल की तस्वीर और तकदीर दोनों ही बदलना शुरू हो गई है. अब सिवनी का सरकारी जिला अस्पताल किसी निजी अस्पताल की तरह साफ स्वच्छ, सुंदर और सुविधायुक्त नजर आने लगा है. साथ ही ऐसी कई सुविधाएं भी शुरू की गई हैं जिनके लिए पहले मरीज़ों को बड़े शहरों या फिर निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था.

ऐसे बनाई कार्य योजना
प्रदेश भर में सरकारी जिला अस्पतालों की ज़मीनी हकीकत से कौन वाकिफ नहीं है. लेकिन सिवनी कलेक्टर प्रवीण सिंह ने सिवनी के वर्षों से बीमार पड़े इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय को फिर से खड़ा करने का जिम्मा उठाया, और मैं भी अस्पताल मित्र योजना की शुरुआत की. इस योजना के जरिए लोगों के जन सहयोग से और लोगों को अस्पताल मित्र बना कर करीब 2 करोड़ रुपयों का फंड इकट्ठा किया गया. अब तक किए गए कार्यों में किसी तरह का शासकीय फंड का इस्तेमाल नहीं किया गया है. हालांकि कुछ जरूरी कार्यों के लिए कलेक्टर ने सरकार से फंड की डिमांड ज़रूर की है. किसी सरकारी अस्पताल के लिए जनसहयोग से इस तरह फंड इकट्ठा करने की पहल प्रदेश में पहली बार देखी जा रही है.

News - सिवनी ज़िला अस्पताल का किया कायाकल्प, ये है कलेक्टर की अनूठी योजना
2 करोड़ के फंड से किया सिवनी ज़िला अस्पताल का कायाकल्प, ये है कलेक्टर की अनूठी योजना

ऐसे हुआ अस्पताल का कायाकल्प


>> सबसे पहले अस्पताल की शक्ल बदली गई ताकि ये एक निजी अस्पताल की तरह दिखाई दे, इसके लिए सालों पुराने जर्जर वार्डों की दीवारों और फर्श की मरम्मत कर टाइल्स और रंग रोगन कराया गया, सभी वार्डों और अस्पतालों में नए साफ सुथरे शौचालय, अस्पताल परिसर में बैठने की उत्तम व्यस्था, दीवारों पर संदेश देने वाली पेंटिंग, छायादार वृक्ष, वार्डों में एयर कंडीशन सुविधा, उच्च किस्म के बिस्तर, मरीज़ों के परिजनों के लिए एलईडी टीवी लगाए गए.
>> शिशु वार्ड में बच्चों के लिए खेल कूद की सामग्री
>> हाईटेक बर्न यूनिट, ओपीडी के लिए सीटी स्कैन मशीन, नई एक्सरे मशीन, डायलिसिस यूनिट, हाईटैक पैथालॉजी लैब पर भी काम किया जा रहा है
>> स्पेशलिस्ट डाक्टरों की पोस्टिंग को लेकर स्वास्थ विभाग से डिमांड की गई है

कलेक्टर खुद निरंतर चल रहे इन सभी निर्माण कार्यों का समय समय पर दौरा कर जायजा लेते रहते हैं. उनकी ये पहल प्रदेश में मिसाल कायम करने जा रही है.

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