सत्र शुरू होने के तीन माह बाद तक विद्यार्थियों को नहीं मिलीं किताबें

Saurabh Pandey | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: September 17, 2017, 5:06 PM IST
सत्र शुरू होने के तीन माह बाद तक विद्यार्थियों को नहीं मिलीं किताबें
किताबें न मिलने से छात्र परेशान हो रहे हैं.
Saurabh Pandey | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: September 17, 2017, 5:06 PM IST
मध्य प्रदेश में नया सत्र शुरू हुए तीन माह होने को है. इसके वाबजूद बच्चों को एनसीईआरटी की किताबें नहीं मिली हैं. सबसे अधिक दिक्कत सरकारी स्कूलों के कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्र-छात्राओं को हो रही है, जिन्हें स्कूल शिक्षा विभाग किताबें नि:शुल्क उपलब्ध कराता है.

किताबें नहीं मिलने से छात्र पढ़ाई तो पुरानी किताबों से कर रहे हैं लेकिन उन्हें परीक्षा नई किताबों के अनुसार देनी पड़ेगी. शिक्षकों का कहना है कि एनसीईआरटीई की किताबें नहीं मिली हैं. विज्ञान और गणित की किताबों को लेकर सबसे ज्यादा दिक्कत है. ये किताबें पाठ्यपुस्तक निगम में एनसीईआरटी के सिलेबस के अनुसार प्रकाशित करवाई गई हैं.

शहडोल के रघुराज एक्सीलेंस स्कूल में भी सभी बच्चों को किताबें नहीं मिल सकी हैं. दरअसल, सितंबर के दूसरे सप्ताह से तिमाही परीक्षा शुरू होनी हैं. अब ये विद्यार्थी किताब नहीं होने से बिना तैयारी किए परीक्षा कैसे दे पाएंगे. आलम यह है कि किताब उपलब्ध नहीं होने की वजह से छात्र पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें तिमाही की परीक्षा भी इसी महीने देनी है.

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समग्र आईडी की मैपिंग भी पूरी हो चुकी है. इसके बाद भी भोपाल से किताबें नहीं आई हैं. समग्र पोर्टल पर जितने छात्रों की संख्या दर्ज होगी उसी के अनुसार किताबें वितरित होनी हैं. एनसीईआरटी का कोर्स मात्र 500 रुपये में आता है. निजी प्रकाशकों की किताबों के रेट तीन से सात हजार तक हैं. इस कारण छात्र बाजार से भी किताबें नहीं खरीद पा रहे हैं.

स्कूल शिक्षा विभाग ने सत्र 2017-18 से एनसीईआरटी के सिलेबस को पढ़ाने का निर्णय लिया है. इस सत्र में कक्षा 9वीं में विज्ञान और गणित व 11वीं में गणित, जीव विज्ञान और वाणिज्य की किताबें एनसीईआरटी के सिलेबस की होंगी. इसके बाद भी किताबें समय पर पूर्ति नहीं हो पा रही है. स्कूल प्रबंधनों का कहना है कि हर बार आश्वासन मिलता है कि दो से तीन दिनों में किताबें उपलब्ध हो जाएंगी, लेकिन ऐसा होता नहीं है.
First published: September 17, 2017
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