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अजब एमपी की गजब जेल, महज तीन प्रहरियों के भरोसे सैकड़ों कैदियों की सुरक्षा

भोपाल जेल ब्रेक घटना के बाद भी मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार जेलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है. राज्य के संभागीय मुख्यालय शहडोल में स्थापित जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है.

भोपाल जेल ब्रेक घटना के बाद भी मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार जेलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है. राज्य के संभागीय मुख्यालय शहडोल में स्थापित जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है.

भोपाल जेल ब्रेक घटना के बाद भी मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार जेलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है. राज्य के संभागीय मुख्यालय शहडोल में स्थापित जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है.

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भोपाल जेल ब्रेक घटना के बाद भी मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार जेलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है. राज्य के संभागीय मुख्यालय शहडोल में स्थापित जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है.

220 बंदियों की क्षमता वाले शहडोल जिला जेल में 540 बंदी कैद हैं. इनकी सुरक्षा के लिए एक शिफ्ट में सिर्फ 3 जेल कर्मी ही तैनात किए जाते हैं. आंकड़ो में देखा जाए तो 1 जेल सुरक्षा प्रहरी के भरोसे 180 बंदियों पर नजर रखने का जिम्मा है.

जिला जेल शहडोल में कुल 63 पद स्वीकृत हैं, जिनमे से 25 पद खाली हैं. जेल प्रबंधन ने पुलिस विभाग से एसएफ जवानों की तैनाती जेल में कराई है इसके बाद भी सुरक्षा ताक पर है. भोपाल जेल ब्रेक के बाद जेल प्रशासन ने एक के बाद एक फरमान कागज़ी फरमान तो भेजे लेकिन उन पर अमल नहीं हो सका

पुलिस रेंज शहडोल के इस जेल में शहडोल के साथ साथ उमरिया और अनूपपुर के बंदियों को भी रखा जाता है. अनूपपुर के बंदियों को पेशी कराने उनके ज़िलों की अदालतों में भी शहडोल के जेल कर्मी लेकर जाते हैं. इनके अलावा डाक, ड्राइवर, स्वास्थ्य कर्मचारियों के रिक्त पदों पर भी सुरक्षा कर्मियों को लगा कर रखा गया है.

शहडोल ज़िला जेल में नवरात्रि के पहले दिन ही एक बंदी ने अपनी जीभ ब्लेड से काट ली. घटना के वक़्त कोई जवाबदार अधिकारी मौके पर नहीं था, यदि बंदी की मंशा खुद की जीभ काटने की नहीं होती तो कोई भी बड़ी घटना को इंकार नहीं किया जा सकता था.

यह हादसा हुआ उसके बाद जेल प्रबंधन ने आनन्-फ़ानन में उन कर्मचारियों को वापस बुलाया जो छुट्टी पर थे इनके अलावा बैरकों में संवेदनशील प्वाइंट पर तैनात सुरक्षा प्रहरी को बुलाकर गंभीर रूप से घायल बंदी को जिला अस्पताल शहडोल में भर्ती कराया गया.

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