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मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना में फ़र्जीवाड़ा के आरोपी 40 पर एफआईआर

मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना में फ़र्जीवाड़ा के आरोपी 40 पर एफआईआर

कृषि उपज मंडी समिति, शुजालपुर

कृषि उपज मंडी समिति, शुजालपुर

शाजापुर जिले की शुजालपुर मंडी में मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना में बड़ी गड़बड़ी के खुलासे के बाद इस फर्जीवाड़े में शामिल दस मंडी कर्मचारियों और तीस व्यापरियों सहित कुल 40 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.

शाजापुर जिले की शुजालपुर मंडी में मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना में बड़ी गड़बड़ी के खुलासे के बाद अब आरोपियों पर कार्यवाही शुरु की जा रही है. इस फर्जीवाड़े में शामिल दस मंडी कर्मचारियों और तीस व्यापरियों सहित कुल 40 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.यह मुख्यमंत्री भावंतर भुगतान योजना घोटाले में प्रदेश की पहली एफआईआर है.

शुजालपुर मंडी में तीस व्यापारियों ने मंडी कर्मचारियों की मिली भगत से दो लाख कट्टी लहसुन की फर्जी खरीदी दर्शा कर सरकार को लगभग 8 करोड़ की चपत लगाने की कोशिश की थी लेकिन समय रहते मामले की पोल खुल गई थी. इस तरह सरकारी पैसे की बंदरबाट होने से बच गई. इसके बाद पुरे मामले की जांच बैठा दी गई थी. जांच में आरोपों की पुष्टि पर यह बड़ी कार्रवाई की गई है.

देश-विदेश में प्याज व लहसुन की आवक के लिए मशहूर शुजालपुर की मंडी में भावान्तर का लाभ दिलाने के लिए किसानों से 200 से ढाई सौ रुपये प्रति क्विंटल की रिश्वत लेकर ये गोलमाल करने की योजना थी. सब्जी मंडी प्रांगण में 12 अप्रैल से 31 मई के बीच लहसुन-प्याज की खरीदी भावंतर योजना के तहत की जा रही थी. तभी मिली भगत कर करीब 2 लाख कट्टी लहसुन की फर्जी खरीदी-बिक्री दिखाई गई.

योजना में लहसुन किसी भी भाव बिकने पर किसानों को उनके खाते में सरकार से 8 रुपये प्रति किलो यानी 800 प्रति क्विंटल की राशि का प्रोत्साहन दिया जाना तय था. इसी का फायदा उठाने की कोशिश की गई. अब शुजालपुर पुलिस ने मंडी इसंपेक्टर सहित दस कर्मचारियों पर शहर 30 नामी व्यापारियों पर एफआईआर दर्ज कर ली है. हालांकि अब तक किसी की भी गिरफ्तारी इस मामले में नहीं की गई है.

Tags: Madhya pradesh news

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