स्वतंत्रता दिवस पर हजारों तिरंगे झंडों की निःशुल्क धुलाई व प्रेस करते हैं राजेंद्र वर्मा

पिछले 35 वर्षों से शहर के नई सड़क इलाके में कपड़ों पर प्रेस कर अपना गुजर बसर करने वाले राजेंद्र वर्मा स्वंत्रता दिवस ओर गणतंत्र दिवस वाले त्योहारों के पहले कुछ ज्यादा ही व्यस्त हो जाते हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इन त्योहारों पर जगह जगह फहराये जाने वाले तिरंगों की यह शख्स निःशुल्क प्रेस और धुलाई करता है.

Sunil Hanchoria | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 11, 2018, 7:37 PM IST
स्वतंत्रता दिवस पर हजारों तिरंगे झंडों की निःशुल्क धुलाई व प्रेस करते हैं राजेंद्र वर्मा
एक तिरंगे को प्रेस करते राजेंद्र वर्मा
Sunil Hanchoria | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 11, 2018, 7:37 PM IST
देशभक्ति का जज़्बा किसी ओहदे और कारनामें का मोहताज़ कतई नहीं होता.हमारे देश में कई लोग ऐसे भी है जो अपने छोटे-छोटे काम के मार्फ़त देश भावना की बड़ी मिसालें कायम करते रहे हैं.शाजापुर के एक ऐसे ही देशप्रेमी हैं अपनी छोटी सी लांड्री की दुकान पर खुद कपड़ों पर प्रेस करने वाले राजेंद्र वर्मा.राजेंद्र वर्मा की राष्ट्रभक्ति वाली सोच इन्हें इनके काम से इनको कई गुना बड़ा आदमी बनाती है.पिछले 35 वर्षों से शहर के नई सड़क इलाके में कपड़ों पर प्रेस कर अपना गुजर बसर करने वाले राजेंद्र वर्मा स्वंत्रता दिवस ओर गणतंत्र दिवस वाले त्योहारों के पहले कुछ ज्यादा ही व्यस्त हो जाते हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इन त्योहारों पर जगह जगह फहराये जाने वाले तिरंगों की यह शख्स निःशुल्क प्रेस और धुलाई करता है.

राष्ट्रीय पर्वों के एक हफ़्ते पहले से ही तमाम सरकारी दफ्तरों ओर संस्थाओं से इनके यहां तिरंगे झंडे धुलाई ओर प्रेस होने के लिए आने लग जाते हैं.राजेंद्र वर्मा भी पूरे शिद्दत से इन तिरंगों को संवारने में लग जाते हैं ताकि जब यह लहराएं तो शान से लहराएं.राजेंद्र वर्मा की मानें तो देश ओर इस तिरंगे कि शान के लिए जहां एक ओर लोग कुर्बानी देते हैं तो ऐसे में वो भी अपने काम के मार्फ़त कुछ हिस्सा देश की सेवा में लगाना चाहते हैं.ऐसा करने से उन्हें आत्मिक शांति मिलती है.

बेशक यह छोटे आदमी की बड़ी सोच कही जा सकती है.इनके इसी देश प्रेम के ज़ज्बे को देखते हुए जिला प्रशासन इन्हें सम्मानित कर चुका है.राजेंद्र वर्मा की माने तो उनका सम्मान तो तिरंगे के सम्मान में है.जब भी उनका इस्त्री किया तिरंगा शान से हवा में लहराता है तो उससे बड़ा कोई सम्मान नहीं. राजेंद्र वर्मा तिरंगे के साथ ही सलामी दिए जाने के दौरान पहनी जाने वाली टोपियों ओर राष्ट्रीय प्रतीकों वाले वस्त्रों की प्रेस भी निःशुल्क ही करते हैं.
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