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Good News : एमपी के कूनो पालपुर अभयारण्य में जल्द आ रहे हैं अफ्रीका से चीते, तेंदुओं को भगाएंगे हाथी

Good News : एमपी के कूनो पालपुर अभयारण्य में जल्द आ रहे हैं अफ्रीका से चीते, तेंदुओं को भगाएंगे हाथी

पहली बार में दोनों देशों से कुल 20 चीते कूनो लाए जाएंगे. इनमें 10 नर और 10 मादा चीते शामिल रहेंगे.

पहली बार में दोनों देशों से कुल 20 चीते कूनो लाए जाएंगे. इनमें 10 नर और 10 मादा चीते शामिल रहेंगे.

Wildlife News. 5 साल के भीतर कूनो में 50 चीतों को बसाने की तैयारी है. अफ्रीका और नामीबिया दोनों ही देश कूनो में चीते भेजने के लिए तैयार हैं. पहली बार में दोनों देशों से कुल 20 चीते कूनो लाए जाएंगे. इनमें 10 नर और 10 मादा चीते शामिल रहेंगे. इन्हें लाने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है.अभी एक दिक्कत ये हो रही है कि कूनो में चीतों के लिए बनाए गए बाड़े में तेंदुआ घुस गए हैं. कूनो प्रबंधन के लाख प्रयासों के बाद भी वो बाहर नहीं निकल सके हैं. बताया जा रहा है कि, बारिश में कीचड़ और बड़ी घास होने की वजह से उन्हें बाड़े से निकालने में दिक्कत आ रही है. इसे देखते हुए अब कूनो प्रशासन ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से दो हाथी बुलवाए हैं. उनकी मदद से तेंदुओं को तलाशकर बाड़े से बाहर निकाला जाएगा.

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श्योपुर. मध्य प्रदेश का इंतजार अब पूरा होने को है. जल्द ही यहां चीते नजर आने वाले हैं. एशियाई शेरों के दूसरे घर के रूप में विकसित किए गए श्योपुर के राष्ट्रीय कूनो पालपुर अभयारण्य में अब जल्द ही अफ्रीका और नामीबिया के चीते दौड़ते नजर आएंगे. चीतों को कूनो में रखने की लगभग सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं., अब चीतों के आने की देर है. सब कुछ ठीक रहा तो 10 -15 दिन में नये मेहमान यहां आ सकते हैं.

मध्य प्रदेश के श्योपुर में स्थित कूनो पालपुर में गिर के शेर और अफ्रीका के चीते लाने का प्लान है. तमाम प्रयासों के बाद भी अब तक ये सिर्फ प्लान ही बनकर रह गया है. उस पर अमल नहीं हो पाया. लेकिन अब अफ्रीकी चीते यहां जल्द ही लाए जाने हैं.

कूनो है चीतों के लिए खास
41 साल पुराने और 26 साल से एशियाई शेरों के लिए विकसित हो रहा राष्ट्रीय कूनो पालपुर अभयारण्य 750 वर्ग किमी में फैला हुआ है. कूनो में 50 तेंदुआ, भालू, हाइना, जंगली सुअर, कई प्रजातियों की जंगली बिल्ली जैसे खतरनाक जंगली जानवरों के अलावा, हजारों की संख्या में हिरण, सांभर, नीलगाय, चीतल, बारहसिंगा, चिंकारा, खरगोश सहित कई अन्य प्रजातियों के वन्य जीव भारी संख्या में हैं. भारत सहित दूसरे देशों के वन्य जीव एक्सपर्ट कूनो के बातावरण को ऐशियाई शेरों खासतौर से चीतों के लिए बेहद खास बता चुके हैं.

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5 साल में 50 चीते
5 साल के भीतर कूनो में 50 चीतों को बसाने की तैयारी है. अफ्रीका और नामीबिया दोनों ही देश कूनो में चीते भेजने के लिए तैयार हैं. पहली बार में दोनों देशों से कुल 20 चीते कूनो लाए जाएंगे. इनमें 10 नर और 10 मादा चीते शामिल रहेंगे. इन्हें लाने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है.

चीते के बाड़े में तेंदुए
लेकिन अभी एक दिक्कत ये हो रही है कि कूनो में चीतों के लिए बनाए गए बाड़े में तेंदुआ घुस गए हैं. कूनो प्रबंधन के लाख प्रयासों के बाद भी वो बाहर नहीं निकल सके हैं. बताया जा रहा है कि, बारिश में कीचड़ और बड़ी घास होने की वजह से उन्हें बाड़े से निकालने में दिक्कत आ रही है. इसे देखते हुए अब कूनो प्रशासन ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से दो हाथी बुलवाए हैं. उनकी मदद से तेंदुओं को तलाशकर बाड़े से बाहर निकाला जाएगा.

10-15 दिन में आ सकते हैं चीते
इसके साथ ही संभावना बन रही है कि, आगामी 10-15 दिन के भीतर कूनो में चीते आ सकते हैं. कूनो वन मंडल के डीएफओ प्रकाश वर्मा ने जानकारी दी कि तेंदुओं को बाड़े से निकालने के लिए हाथी मंगवाए गए हैं. जल्द ही तीनों तेंदुओं को बाड़े से बाहर निकाल दिया जाएगा.

Tags: Sheopur news, Wildlife news in hindi

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