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Sheopur News: रेस्क्यू टीम की नाव पलटी, बचाव कर्मियों ने 4 घंटे पेड़ से लटकर बचाई जान, देखं VIDEO

shyopur flood- रेस्क्यू ऑपरेशन में लगा ये बचाव दल एक टापू में फंसे चरवाहों को निकालने गया था.

shyopur flood- रेस्क्यू ऑपरेशन में लगा ये बचाव दल एक टापू में फंसे चरवाहों को निकालने गया था.

Rain in MP: श्‍योपुर को ग्‍वालियर और राजस्‍थान के कोटा से जोड़ने वाला मार्ग पानी में डूब गया है. इस वजह से श्‍योपुर एमपी के अन्‍य शहरों और राजस्‍थान के सीमावर्ती इलाकों से कट गया है.

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श्योपुर. ग्वालियर-चंबल का पूरा इलाका भारी बारिश (Heavy rain) से तरबतर है. श्योपुर में तो नदी-नाले उफन पड़ हैं. कूनों, पार्वती, अमराल और अन्य नदी-नालों पर बने पुल-पुलिया पानी में डूब गए हैं. इससे श्योपुर का राजस्थान के कोटा, बारां, खातौली से लेकर प्रदेश के शिवपुरी, ग्वालियर से संपर्क कट गया है. यहां मंगलवार को 9 चरवाहे टापू पर फंस गए थे. उन्हें बचाने निकली रेस्क्यू टीम की नाव पलट गई. इस पर सवार चार राहत एवं बचावकर्मियों ने पेड़ से लटकर अपनी जान बचाई.

रीछी नदी में उफान आने की वजह से पहेला, झिरन्या सहित आसपास के गांवों के घरों में पानी घुस गया. इससे घरों में रखे राशन से लेकर अन्य सामान भीगकर खराब हो गए. इसी इलाके के 9 चरवाहे एक टापू पर फंसे रह गए, जिन्हें बाढ़ राहत दल की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सुरक्षित वाहर निकाला.

बचाव दल की नाव पलटी
नदियां इस कदर उफनी हुई हैं कि बचाव कार्य में लगी रेस्क्यू ऑपरेशन टीम की नाव ही नदी के तेज बहाव में बहने लगी. यह घटना कराहल वनांचल इलाके के फतेहपुर गांव के पास की है. इस नाव पर एएसआई सहित बाढ़ राहत दल के 4 कर्मचारी सवार थे. सबने जैसे तैसे पेड़ से लटक कर जान बचाई. मदद मिलने तक 4 घंटे नदी के बीचों-बीच चारों पेड़ से लटके रहे. यही टीम टापू पर फंसे चरवाहों को रेस्क्यू करने जा रही थी. इसमें एएसआई जितेंद्र शर्मा सहित 4 होमगार्ड के जवान शामिल थे. बाद में सभी को सकुशल बाहर निकाल लिया गया.



हाईवे और संपर्क मार्ग से कटा श्योपुर
श्योपुर को राजस्थान के कोटा-खातौली से जोड़ने वाला पार्वती नदी पर बना रपटा काफी नीचे है. इस वजह से जैसे ही नदी का जलस्तर बढ़ा तो रपटा पानी में डूब गया. इसके बाद यह रूट बंद हो गया है. नदी के दोनों किनारों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गयीं. श्योपुर को शिवपुरी और ग्वालियर से जोड़ने बाले हाईवे पर सेसईपुरा गांव के पास कूनो नदी पर बना पुल भी सुबह से जलमग्न हो गया. इसकी वजह से इस हाईवे पर भी आवाजाही दिन भर बंद रही. बड़ौदा को कुंहाजापुर-बांरा से जोड़ने बाला ललितपुरा गांव के पास अमराल नदी पर बना पुल भी पानी में डूब गया है, इससे इस इलाके में भी आवाजाही बंद है. भीखापुर, गिलास, रामबड़ौदा, सहित दर्जन भर गांवों को जोड़ने वाला अमराल नदी पर बना रपटा भी पानी में डूबा हुआ है. इससे इस इलाके में भी आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई है.

घरों में घुटने तक पानी भरा
सबसे ज्यादा परेशानी पहेला, झिरन्या सहित आसपास के 4 गांवों के ग्रामीणों को उठानी पड़ रही है इस इलाके की रीछी नदी में उफान आने की वजह से गांवों के घरों में घुटनों तक पानी भर गया है. घरों में रखा हुआ राशन और अन्य सामान भीगकर खराब हो गया है. आवागमन के रास्ते बंद हो जाने की वजह से ग्रामीण गांव में ही फंसे हुए हैं. टापू पर फंसे 09 चरवाहों को भी बाढ़ राहत दल की टीम ने मोटरवोट की मदद से रेस्क्यू करके सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. अन्य हालातों पर भी बाढ़ राहत दल के अलावा पुलिस और प्रशासन की टीमें नजर बनाए हुए हैं.

कई गांव टापू बने
पार्वती नदी में उफान आने की वजह से सुंडी और सांढ़ गांव टापू बन गए हैं. उधर अमराल नदी के उफान की वजह से भीखापुर, गिलास, मल्होत्रा, चकबमूल्या सहित डेढ़ दर्जन से ज्यादा गांव भी टापू बन गए हैं. सबसे ज्यादा दिक्कत सुंडी और सांढ़ गांवों के ग्रामीणों को उठानी पड़ रही है क्योंकि, चंबल और पार्वती नदियों का जलस्त बढ़ जाने के बाद यह गांव अब करीब ढाई महीने तक टापू ही बने रहेंगे. बीमार मरीजों से लेकर बच्चों को भी खासी दिक्कतें उठानी पड़ेंगी.

हर साल की समस्या
बारिश के सीजन में हर साल निचले पुल और रपटों की वजह से यह सभी प्रमुख मार्ग बंद हो जाते हैं. कई गांव टापू बन जाते हैं लेकिन, प्रशासन के अधिकारी इन जगहों पर बनाए जा रहे पुलों का निर्माण तेज गति से कराने के लिए जिम्मेदारों पर सख्ती नहीं दिखाते हैं. इससे हर साल की तरह इस बार भी निचले पुल और पुलिया की वजह से लोगों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं. ग्रामीण युवाओँ का कहना है, बारिश की वजह से नदी की पुलिया पर 10 फीट से ज्यादा पानी है. इस वजह से आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है. ग्रामीणों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं.

आवदा डैम ओवरफ्लो
श्योपुर में जारी भारी बारिश के बाद यहां का आवदा डैम ओवरफ्लो हो गया है. बाढ़ के हालात में भी इससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. क्योंकि डैम भरने से अब किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए सालभर भरपूर पानी मिल सकेगा. पिछ्ले साल कम बारिश के कारण डैम आधा ही भरा था.


भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है और जिले में झमाझम बारिश का दौर जारी है. इसे देखते हुए प्रशासन को नदी किनारों और नदी के बीचों-बीच बसे गांवों के ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का इंतजाम कर रहा है.

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