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श्योपुर : बारिश थम गयी लेकिन बस्तियां बन गयी तालाब, जहां देखो वहां पानी और तबाही

श्योपुर : बारिश थम गयी लेकिन बस्तियां बन गयी तालाब, जहां देखो वहां पानी और तबाही

श्योपुर की इस बस्ती में 15 दिन बाद भी पानी भरा हुआ है.

श्योपुर की इस बस्ती में 15 दिन बाद भी पानी भरा हुआ है.

श्योपुर शहर के जिला अस्पताल के सामने बनी डॉक्टर कॉलोनी में आधा सैकड़ा परिवार रहते हैं. ये पिछले 13-14 दिन से डर-डरकर और भारी परेशानी भरे हालातों से जूझकर अपना बुरा वक्त गुजार रहे हैं. कॉलोनी के लोग शाम ढ़लते ही अपने घरों पर ताले लगाकर रिश्तेदारों या होटल में रहने चले जाते हैं.

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श्योपुर. श्योपुर अब तक पानी पानी है. बारिश थम गयी है, नदियों का पानी धीरे-धीरे उतर रहा है. लेकिन बस्तियों-गलियों और घरों में भरा पानी जस का तस है. जहां देखो वहां जलभराव है. ऐसा ही हाल है यहां की डॉक्टर कॉलोनी का है. घरों में पानी भरा हुआ है. उसमें कीड़े मकोड़े पनप रहे हैं. दूसरों का इलाज करने वाले डॉक्टर अब यहां बीमारी फैलने से डरे हुए हैं. घर गृहस्थी तो सब पानी में बर्बाद हो ही चुकी है.

श्योपुर जिले में आई बाढ़ की वजह से यहां की डॉक्टर कॉलोनी अब तक जलमग्न है. पानी निकासी नहीं होने की वजह से बाढ़ के 13-14 दिन बाद भी बस्ती तालाब में तब्दील है. स्थिति यह है कि, कॉलोनी के घरों में पानी घुसा हुआ है. जबकि, रास्तों पर कहीं घुटने-घुटने तो कहीं कमर-कमर तक पानी है. लोगों को अब अपने मकान ढ़ह जाने से लेकर जहरीले सर्प-बिच्छु और बीमारियां फैलने का डर सता रहा है. खास बात यह है कि स्थानीय लोग 3-4 बार कलेक्टर और अन्य अधिकारियों को ज्ञापन सौंप चुके हैं लेकिन, वह हालात सुधारने की बजाए अभी भी सिर्फ योजना बनाने की बात कह रहे हैं.

रात में होटल में सोते हैं
श्योपुर शहर के जिला अस्पताल के सामने बनी डॉक्टर कॉलोनी में आधा सैकड़ा परिवार रहते हैं. ये पिछले 13-14 दिन से डर-डरकर और भारी परेशानी भरे हालातों से जूझकर अपना बुरा वक्त गुजार रहे हैं. वजह यही है कि, कॉलोनी में हुए भारी जलभराव के बाद अभी तक प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी पानी निकासी की व्यवस्था नहीं कर पाए हैं. कॉलोनी के लोग शाम ढ़लते ही अपने घरों पर ताले लगाकर रिश्तेदारों या होटल में रहने चले जाते हैं. कॉलोनी में भरे पानी में अब कीड़े पड़ने लगे हैं. पानी में सड़ांध आने लगी है.इससे बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ रहा है. कुछ लोग तो बुखार और स्किन से जुड़ी बीमारियों से परेशान होने लगे हैं.

नेता-अफसर किसी को परवाह नहीं

जिले के जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासन के आला अधिकारी  सुध तक नहीं ले रहे हैं. हैरत की बात यह भी है कि बाढ़ के हालात में लापरवाही बरतने पर हाल ही में सरकार ने कलेक्टर, एसपी, अपर कलेक्टर और नपा सीएमओ को बदल दिया है. कलेक्टर शिवम वर्मा का कहना है कॉलोनी से पानी निकासी के लिए योजना तैयार कर रहे हैं. जल्द ही पानी की निकासी कराई जाएगी, इसके अलावा मच्छर आदि नहीं पनपें इसके लिए दवा का स्प्रे कराया जाएगा.

Tags: Madhya Pradesh floods, Rivers flooded

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