लाइव टीवी

श्योपुर: युवक ने पत्नी को छोड़ा तो महापंचायत ने सुनाया ये फरमान

Deepak dandotiya | News18 Madhya Pradesh
Updated: October 21, 2019, 1:22 PM IST
श्योपुर: युवक ने पत्नी को छोड़ा तो महापंचायत ने सुनाया ये फरमान
युवक ने पत्नी को छोड़ा तो महापंचायत ने पूरे परिवार को दी सजा

बैरवा समाज के एक युवक ने बिना कारण अपनी पत्नी (Wife) को छोड़ दिया, सुलह की कोशिशों के बाद महापंचायत (mahapanchayat) ने युवक के परिजनों के बहिष्कार (bycott) का फरमान सुना दिया. पंचायत ने यहां तक कह दिया कि इस परिवार में बेटे-बेटी की शादी करने वाले परिवार को भी बहिष्कृत कर दिया जाएगा.

  • Share this:
श्योपुर. शादी (Marriage) के 8 महीने बाद पत्नी (wife) को छोड़ने वाले पति (husband) और उसके परिवार को बैरवा महासभा (Bairwa Mahasabha) द्वारा समाज से बहिष्कृत (Bycott) किए जाने का फरमान सुनाया गया है. साथ में यह भी कहा गया है कि समाज से बहिष्कृत किए गए परिवार (Family) से ताल्लुक रखने वाले या इस परिवार में बेटे-बेटी की शादी करने वाले परिवार को भी बहिष्कृत कर दिया जाएगा. महापंचायत के इस फरमान को लेकर समाज एक तबका नाराज़ भी है.

बिना कारण पत्नी को छोड़ा
मामला जिले के आमलदा गांव का है, जहां पूर्व सरपंच देवीराम बैरवा के बेटे पुरुषोत्तम बैरवा का विवाह राजस्थान के कोटा निवासी आनन्दी लाल बैरवा की बेटी रीना से एक साल पहले विवाह हुआ था. बताया जा रहा है कि ग्रेजुएट रीना के पिता ने अपनी हैसियत के हिसाब से अपनी बेटी के विवाह में करीब 50 लाख रुपए खर्च भी किए. शादी बड़े ही धूम-धाम से सम्पन्न हुई और कुछ महीनों तो सबकुछ ठीक चला लेकिन 7-8 महीने बाद पुरुषोत्तम ने रीना को बिना कोई वजह बताए छोड़ दिया. रीना के पिता ने अपने दामाद व उसके पिता से कई बार बात भी की, हाथ-पैर जोड़े लेकिन 4-5 महीने बीत जाने के बाद भी जब बात नहीं बनी तो उन्होंने अपने समाज के नियमों के हिसाब से इसकी शिकायत समाज की महासभा से श्योपुर में आकर की.

News - पंचायत ने कहा कि इस परिवार में बेटे-बेटी की शादी करने वाले परिवार को भी बहिष्कृत कर दिया जाएगा
पंचायत ने कहा कि इस परिवार में बेटे-बेटी की शादी करने वाले परिवार को भी बहिष्कृत कर दिया जाएगा


महापंचायत ने सुनाया फरमान
शिकायत के बाद रविवार को महापंचायत ने जिला मुख्यालय की डॉ भीमराव अंबेडकर धर्मशाला में दोनों पक्षों को बुलाया और बात करवाई. लेकिन बात नहीं बनी तो महापंचायत ने दोनों पक्षों को आमने-सामने खड़ा करके सवाल-जवाब किए. रीना ने बताया कि उसे पुरुषोत्तम के शराब पीने की लत पसन्द नहीं है, फिर भी वह उसके साथ रहने को तैयार है, लेकिन पुरुषोत्तम ने न कोई कारण बताया और ना ही रीना को छोड़ने की कोई वजह, बस महासभा से रीना को न रखने के लिए कह दिया. महापंचायत ने 3 बार पूछा, जब तीनों बार पुरुषोत्तम ने न रखने की बात कही, तो महापंचायत ने पुरुषोत्तम और उसके परिवार को समाज से बेदखल करने या फरमान सुनाकर कह दिया. महापंचायत ने कहा कि इस परिवार से लंबंध जोड़ने वाले परिवार को भी समाज से बेदखल कर दिया जाएगा.

पूरे परिवार को दी सजा
Loading...

बैरवा समाज की महासभा के इस फैसले से समाज का एक वर्ग संतुष्ट नहीं है. लोगों का कहना है कि एक इंसान के लिए पूरे परिवार और उन से ताल्लुक रखने वाले लोगों को समाज से बेदखल करना लोगों के गले नहीं उतर रहा है. हालांकि बैरवा महासभा के अध्यक्ष मांगीलाल फौजी का कहना है कि युवक द्वारा अपनी पत्नी को बिना किसी कारण के छोड़ा गया है. महासभा के बार-बार कहने पर भी उसने पत्नी को अपने साथ रखने से मना कर दिया इस वजह से युवक और उसके परिवार को समाज से बेदखल कर दिया गया है और उनसे जो भी ताल्लुक रखेगा उसे भी समाज से बेदखल कर दिया जाएगा.

ये भी पढ़ें -
MP: शहीदों के परिजनों से प्रशासन की बेरुखी, न पेंशन मिली, ना 1 करोड़ की सम्मान राशि
MP में बेरोजगारी को लेकर BJP-कांग्रेस में छिड़ी सियासत, जानिए क्‍या है हकीकत?

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए श्‍योपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 21, 2019, 1:22 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...