MP By-election: पोहरी में कांग्रेस के हरिवल्लभ शुक्ला को भाजपा के सुरेश धाकड़ ने हराया, ये हैं जीत की 3 वजह

पोहरी विधानसभा सीट के त्रिकोणीय मुकाबले में सुरेश धाकड़ ने जीत दर्ज की
पोहरी विधानसभा सीट के त्रिकोणीय मुकाबले में सुरेश धाकड़ ने जीत दर्ज की

मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के शिवपुरी (Shivpuri) जिले के पोहरी विधानसभा क्षेत्र (Pohari Vidhan Sabha Constituency) के लिए हुए उपचुनाव (By election) में भाजपा के सुरेश धाकड़ राठखेड़ा (Suresh Dhakad Rathkheda) ने बाज़ी मार ली है. इस त्रिकोणीय मुकाबले में उन्होंने कांग्रेस के हरिवल्लभ शुक्ला (Harivallabh Shukla) और बसपा प्रत्याशी कैलाश कुशवाहा (Kailash Kushwaha) को हराया है. सुरेश धाकड़ राठखेड़ा (Suresh Dhakad Rathkheda) के जीत की 3 बड़ी वजह...

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 10, 2020, 6:46 PM IST
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पोहरी. मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के शिवपुरी (Shivpuri) जिले के पोहरी विधानसभा क्षेत्र (Pohari Vidhan Sabha Constituency) के लिए हुए उपचुनाव (By election) में कांग्रेस के हरिवल्लभ शुक्ला (Harivallabh Shukla) हार गए हैं. उन्हें भाजपा के सुरेश धाकड़ राठखेड़ा (Suresh Dhakad Rathkheda) ने हराया है. साल 2018 में कांग्रेस के टिकट पर जीतने वाले सुरेश राठखेड़ा  (Suresh Rathkheda) इस बार उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी थे. साल 2018 में हुए चुनाव में बसपा प्रत्याशी कैलाश कुशवाहा (Kailash Kushwaha) दूसरे नंबर पर आए थे, इस बार भी यह चुनाव मैदान में थे, जिससे यह मुकाबला त्रिकोणीय बन गया था. हालांकि, जीत भाजपा प्रत्याशी सुरेश धाकड़ राठखेड़ा की ही हुई. ऐसे में आइए जानते हैं 2.21 लाख मतदाताओं वाले विधानसभा क्षेत्र के इस उपचुनाव में क्या रही भाजपा प्रत्याशी सुरेश राठखेड़ा  (Suresh Rathkheda) के जीत की 3 बड़ी वजह...
1. शिवपुरी जिले का पोहरी विधानसभा धाकड़ समाज बाहुल्य क्षेत्र है. इस समाज के लोग ब्राह्मण समाज को अपना प्रतिद्वद्वी मानते रहे हैं. कांग्रेस प्रत्याशी भी ब्राह्मण थे, जिससे धाकड़ समाज ने भाजपा प्रत्याशी को वोट दिया. इसकी वजह से सुरेश राठखेड़ा  (Suresh Rathkheda) की जीत आसान हुई.

2. क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी हरिवल्लभ शुक्ला की छवि ठीक नहीं है. ये हमेशा किसी न किसी पार्टी से चुनाव मैदान में उतरते हैं, जिसकी वजह से लोग इन्हें नापसंद करते हैं. पारिवारिक रुप से भी ये दबंग हैं. ऐसे में लोगों ने सुरेश को चुना.

3. यहां पर शिवराज और सिंधिया फैक्टर भी काम करता है. इसके अलावा 224 करोड़ की लागत से शिवराज-सिंधिया ने चुनाव से ठीक पहले सरकुला डैम परियोजना का शिलान्यास किया था. इसकी वजह से पेयजल की समस्या दूर होगी और किसानों को भरपूर पानी मिलेगा. इस फैसले ने भी भाजपा प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित कर दी.
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