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शिवपुरी जिला अस्पताल में प्रीमैच्योर्ड बेबी के लिए मंत्रजाप करती रही तांत्रिक, अस्पताल प्रशासन रहा मौन

शिवपुरी जिला अस्पताल के गलियारे में प्रीमैच्योर्ड बेबी के परिजनों को भभूत देती महिला तांत्रिक.

शिवपुरी जिला अस्पताल के गलियारे में प्रीमैच्योर्ड बेबी के परिजनों को भभूत देती महिला तांत्रिक.

Shivpuri District Hospital: शिवपुरी जिला अस्पताल परिसर में एक बुजुर्ग महिला ने कागज में रखे भभूत को पहले तो अस्पताल के ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

प्रीमैच्योर्ड बेबी की हालत सुधारने के लिए शिवपुरी के जिला अस्पताल में परिजनों ने महिला तांत्रिक को बुलाया.
महिला तांत्रिक अस्पताल के गलियारे में बैठकर घंटों तंत्र-मंत्र करती रही और भभूत छिटवाने का काम किया.
सिविल सर्जन डॉ आरके चौधरी ने कहा कि नवजात बच्चा एसएनसीयू में रखा गया है, उस तक भभूत नहीं पहुंचा.

रिपोर्ट : सुनील रजक

शिवपुरी. शिवपुरी के अस्पताल में गुरुवार को एक महिला तांत्रिक घंटों तंत्र-मंत्र का ढोंग करती रही और अस्पताल प्रशासन मौन रहा. अंधविश्वास का यह मामला शिवपुरी के जिला अस्पताल में सामने आया है. यहां प्रीमैच्योर्ड बच्चे की हालत सुधारने के लिए उसके परिवार वालों ने गांव से किसी महिला तांत्रिक को बुलाया था. यह महिला अस्पताल में कई घंटों तक तंत्र-मंत्र करती रही और अस्पताल में यहां-वहां भभूत फेंकती रही. इस बारे में चिकित्सक से पूछने पर उन्होंने कहा कि नवजात एसएनसीयू में भर्ती है और उस तक कोई भभूत नहीं पहुंचा है.

बता दें कि पोहरी की एक महिला को शिवपुरी के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इस महिला ने पोहरी में प्रीमैच्योर्ड बच्चे को जन्म दिया था. तब महिला को उसे पोहरी से जिला अस्पताल में रेफर किया गया था. यहां बच्चे को एसएनसीयू में भर्ती कराया गया. बच्चे की स्थिति नाजुक होने के कारण परिवार के लोगों ने तांत्रिक का सहारा लेना उचित समझा और महिला तांत्रिक को अस्पताल में ही बुला लिया.

अस्पताल के दाएं बाएं फेंकती रही भभूति

जिला अस्पताल में गुरुवार सुबह अंधविश्वास का यह खेल चलता रहा. परिसर में एक बुजुर्ग महिला ने कागज में रखे भभूत को पहले तो अस्पताल के दाएं-बाएं फेंका. फिर तांत्रिक महिला ने कुछ बुदबुदाते हुए भभूत सामने बैठी 3 महिलाओं और 2 पुरुषों के हाथ में रख दिया. इस भभूत को महिलाएं एक-एक कर अपने सिर से लगाती रहीं. जिला अस्पताल में माता को बुलाने वाले नवजात के पिता संतोष जाटव ने बताया कि डॉक्टरों ने उनके बच्चे की हालत गंभीर बताई है. इसलिए जिला अस्पताल परिसर में माता को बुलाना पड़ा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्चा जिंदा रहेगा या नहीं. संतोष ने बताया कि वह कभी भी किसी भी समय अपनी दादी के पास माता को बुला लेते हैं.

सिविल सर्जन ने कहा कोई भभूत नहीं पहुंचा

जब इस पूरे मामले पर सिविल सर्जन डॉ आरके चौधरी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पोहरी से एक महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जिला अस्पताल में भर्ती महिला ने एक प्रीमैच्योर्ड बच्चे को जन्म दिया है, जिसे एसएनसीयू में रखा गया है. फिलहाल बच्चे तक कोई भभूत नहीं पहुंचा है.

Tags: Health News, Mp news, Shivpuri News

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