यहां गरीबी के चलते लोग अपने मासूमों का सौदा करने को हैं मजबूर…

राजस्थान (Rajasthan) की सीमा से सटे गांव मुडेरी और आसपास के गांव के लोग अपने परिवार का पेट पालने के लिए बच्चों को भेड़ चरानेवालों के पास गिरवी रख रहे हैं

Ashok Agrawal | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 8, 2019, 5:10 PM IST
Ashok Agrawal | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 8, 2019, 5:10 PM IST
एक तरफ हम चांद (Moon) पर जा रहे हैं और दूसरी तरफ दो जून की रोटी के लिए गरीब मासूमों को गिरवी (Mortgage) रखने पर मजबूर हैं. जी हां, ये सब हो रहा है देश का दिल कहे जाने वाले मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh) के शिवपुरी (Shivpuri) में. यहां के बदरवास थाना क्षेत्र के राजस्थान की सीमा से सटे गांव मुडेरी और आसपास के गांव के लोग अपने परिवार का पेट पालने के लिए बच्चों को भेड़ चरानेवालों के पास गिरवी रख रहे है. जिनसे भेड़ मालिक भेड़ चराने का काम कराते हैं और बदले में 5 हजार रुपये मिलते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि आर्थिक तंगी के चलते वो अपने बच्चों को पढ़ने लिखने की उम्र में महज 5 हजार में गिरवी रख देते हैं.

गिरवी रखे जाते है बच्चे , Children are pledged
5 हजार रुपये में गिरवी रखे जाते है बच्चे


सरकार की नीतियां जिम्मेदार
जब इस मामले में क्षेत्रीय विधायक वीरेंद्र रघुवंशी से सवाल किया गया तो उन्होंने सरकार की नीतियों को जिम्मेदार बताया. जब जिम्मेदार अधिकारियों से न्यूज18 ने सवाल किया तो अधिकारियों की बोलती बंद हो गई. अधिकारी इस मामले से पल्ला झाड़ते नजर आए.

गिरवी रखे जाते है बच्चे , Children are pledged
गरीबी के कारण अपने बच्चों को गिरवी रखने पर मजबूर परिजन


आज इक्कीसवीं सदी में हम चांद-मंगल पर जा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ पेट की खातिर गरीब अपने बच्चों को गिरवी रखने को मजबूर हैं. सरकारों को सोचना होगा गरीबों के लिए चलाई जा रही योजनाओं में कहां कमी रह रही है. एक गरीब को क्यों अपने मासूमों को गिरवी रखने पर मजबूर होना पड़ रहा है.

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First published: August 8, 2019, 3:40 PM IST
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